Fake NOC Racket Busted Mumbai RTO Forged Bank Documents – मुंबई (पश्चिम) प्रादेशिक परिवहन कार्यालय (RTO) में जाली दस्तावेजों के सहारे वाहनों की लोन क्लीयरेंस और हाइपोथीकेशन (Hypothecation) हटाने वाले एक शातिर फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। आरटीओ अधिकारियों की आंतरिक सतर्कता और जांच के बाद अंधेरी स्थित अंबोली पुलिस स्टेशन में इस जालसाज सिंडिकेट के खिलाफ आधिकारिक रूप से प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। यह पूरा गिरोह वित्तीय संस्थानों के नाम पर फर्जी नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) और जाली लेटरहेड बनाकर वाहनों पर दर्ज बैंक लोन को रिकॉर्ड से हटवाने की फिराक में था, ताकि गाड़ियों को अवैध रूप से बाजार में बेचा या ट्रांसफर किया जा सके।
Fake NOC Racket Busted Mumbai RTO Forged Bank Documents – डिप्टी आरटीओ स्वप्निल माने की सतर्कता से पकड़ में आया मामला, एक जैसे पते देखकर हुआ शक
इस बड़े घोटाले का खुलासा उस समय हुआ जब उप आरटीओ (Deputy RTO) स्वप्निल माने नियमित फाइलों की समीक्षा कर रहे थे। उनके पास वाहनों के पते में बदलाव और हाइपोथीकेशन हटाने के लिए पांच अलग-अलग आवेदन आए। प्रथम दृष्टया सामान्य दिखने वाले इन आवेदनों की जब बारीकी से जांच की गई, तो एक चौंकाने वाला पैटर्न सामने आया। हालांकि पांचों वाहन अलग-अलग पंजीकृत मालिकों के नाम पर थे, लेकिन सभी फाइलों में आवासीय पता, मोबाइल नंबर और एक प्रमुख वित्तीय संस्थान द्वारा जारी कथित एनओसी का फॉर्मेट पूरी तरह एक जैसा था। इस संदिग्ध समानता ने अधिकारियों के कान खड़े कर दिए।
Fake NOC Racket Busted Mumbai RTO Forged Bank Documents – वित्तीय संस्थान ने की पुष्टि; एनओसी और हस्ताक्षर पूरी तरह फर्जी, नहीं हुआ था लोन क्लीयर
दस्तावेजों में गड़बड़ी की आशंका होते ही उप आरटीओ माने ने मोटर वाहन निरीक्षक (MVI) बाबू तेली को तत्काल संबंधित वित्तीय संस्थान के साथ भौतिक और डिजिटल सत्यापन करने के निर्देश दिए। जब अधिकारियों ने संस्थान से संपर्क साधा, तो वहां से मिले जवाब ने पूरे फर्जीवाड़े की पुष्टि कर दी। वित्तीय संस्थान ने स्पष्ट किया कि उनकी ओर से ऐसी कोई भी एनओसी जारी नहीं की गई थी और फाइलों में लगाए गए लेटरहेड व हस्ताक्षर पूरी तरह जाली और कूटरचित थे। इसके तुरंत बाद परिवहन विभाग के उच्चाधिकारियों के निर्देश पर अंबोली पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत देकर कानूनी कार्रवाई शुरू कराई गई।
Fake NOC Racket Busted Mumbai RTO Forged Bank Documents – अंबोली पुलिस ने शुरू की सिंडिकेट की धरपकड़ आरटीओ ने वाहन मालिकों को दी सतर्क रहने की सलाह
अंबोली पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है और पुलिस की टीमें अब इस फर्जीवाड़े में शामिल एजेंटों, बिचौलियों और मास्टरमाइंडों की पहचान करने में जुट गई हैं। सबूत जुटाने के बाद जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी। वहीं, आरटीओ प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि वाहनों की क्लीयरेंस और हाइपोथीकेशन हटाने के लिए दलालों या अनधिकृत सिंडिकेट के चक्कर में न पड़ें। परिवहन विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी वाहन हस्तांतरण या बैंक संबंधी प्रक्रिया के लिए केवल आधिकारिक चैनलों और सीधे बैंक शाखाओं का ही सहारा लें।
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