State Govt Approves 8 Km Water Tunnel Pise Panjrapur Mumbai – मुंबई और उसके उपनगरों में लगातार बढ़ रही आबादी और भविष्य की पेयजल जरूरतों को पूरा करने के लिए महाराष्ट्र सरकार ने एक महत्वाकांक्षी बुनियादी ढांचा परियोजना को हरी झंडी दे दी है। राज्य के नगर विकास विभाग ने ठाणे जिले के भिवंडी स्थित पिसे (Pise) और पांजरापुर (Panjrapur) के बीच 8 किलोमीटर लंबी भूमिगत जल सुरंग (Underground Water Tunnel) के निर्माण को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है। यह नई टनल दशकों पुरानी उन चार मुख्य पाइपलाइनों का स्थान लेगी, जिनके जरिए भातसा नदी से उठाया जाने वाला कच्चा पानी पांजरापुर स्थित जल शोधन संयंत्र (Water Treatment Plant) तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी परियोजना का डिजाइन और निर्माण बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) अपने स्वयं के खर्च पर करेगा, जिससे राज्य के खजाने पर कोई अतिरिक्त वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा।
State Govt Approves 8 Km Water Tunnel Pise Panjrapur Mumbai – 1979 से 2007 के बीच बिछाई गई थीं चार पाइपलाइनें, जगह की कमी और लीकेज से मिलेगी मुक्ति
पिसे-पांजरापुर कॉम्प्लेक्स (PPC) मुंबई की दैनिक जलापूर्ति प्रणाली का अत्यंत महत्वपूर्ण हिस्सा है। वर्तमान में पिसे पंपिंग स्टेशन से भातसा नदी का पानी 8 किलोमीटर लंबी चार विशाल पाइपलाइनों के माध्यम से पांजरापुर लाया जाता है। इनमें से तीन पाइपलाइनें (2,235 मिमी व्यास) वर्ष 1979 से 1996 के बीच चालू की गई थीं, जबकि चौथी पाइपलाइन (3,000 मिमी व्यास) 2007 में बिछाई गई थी। इन पाइपलाइनों की आयु 19 से 47 वर्ष हो चुकी है और जमीन के ऊपर अतिरिक्त पाइपलाइन बिछाने के लिए जगह का भारी अभाव है। ऐसे में बीएमसी ने मार्च 2026 में भूमिगत टनल का प्रस्ताव भेजा था, जिससे भविष्य में पाइपलाइन फटने, रिसाव और पानी की बर्बादी की समस्या से पूरी तरह छुटकारा मिल सकेगा।
State Govt Approves 8 Km Water Tunnel Pise Panjrapur Mumbai – कड़ी शर्तों के साथ मिली मंजूरी; 55 डेसिबल से कम शोर और इमारतों की सुरक्षा अनिवार्य
राज्य सरकार द्वारा जारी शासनादेश (Government Resolution – GR) में बीएमसी को निर्माण कार्य के लिए कई सख्त दिशानिर्देश दिए गए हैं। टनल की खुदाई के दौरान मार्ग में आने वाली इमारतों और संरचनाओं की पूर्ण सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी। इसके साथ ही, खुदाई के लिए उपयोग की जाने वाली टनल बोरिंग मशीन (TBM) का चयन पूरे भूगर्भीय और चट्टानी अध्ययन (Geological Study) के बाद ही किया जाएगा। मानसून के दौरान जलभराव और आपदा रोकथाम के पुख्ता इंतजाम करने होंगे। धूल और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए सायलेंसर, साउंड बैरियर और रबर मैट का इस्तेमाल अनिवार्य होगा, जिससे खुदाई के दौरान ध्वनि का स्तर 55 डेसिबल से नीचे रहे।
State Govt Approves 8 Km Water Tunnel Pise Panjrapur Mumbai – पांजरापुर प्लांट की क्षमता बढ़कर होगी 1,820 एमएलडी, शहर को मिलेगा निर्बाध स्वच्छ जल
वर्तमान में पांजरापुर जल शोधन संयंत्र की क्षमता 1,365 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) है। बीएमसी एक पुराने 455 एमएलडी के संयंत्र को बदलकर नया 910 एमएलडी का अत्याधुनिक ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित करने की योजना पर भी काम कर रही है, जिससे इस कॉम्प्लेक्स की कुल शोधन क्षमता बढ़कर 1,820 एमएलडी हो जाएगी। शोधित पानी को पूर्वी उपनगरों, शहर के मध्य भाग और भांडुप बैलेंसिंग रिजरवायर तक निर्बाध रूप से पहुंचाया जा सकेगा। अधिकारियों के अनुसार, इस 8 किलोमीटर लंबी सुरंग के तैयार होने से मुंबईकरों को आने वाले कई दशकों तक शुद्ध और पर्याप्त पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।
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