Rahul Gandhi FIR – लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित कोतवाली पुलिस ने उनके खिलाफ धार्मिक और जातिगत सौहार्द बिगाड़ने के आरोप में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की है। यह कार्रवाई वाल्मीकि समाज के सदस्य और ‘श्री राम सेना धर्मार्थ सेवा न्यास’ के पदाधिकारी अमित कुमार की शिकायत पर की गई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के कार्यक्रम के बाद रामलीला मैदान में हुए स्वच्छता अभियान और हवन को राहुल गांधी ने नई दिल्ली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में गलत तरीके से पेश किया और इसे दलित विरोधी व अस्पृश्यता की मानसिकता से जोड़कर पूरे समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाई।
Rahul Gandhi FIR – किन गंभीर धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला
हल्द्वानी पुलिस ने शिकायत के आधार पर राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 196 (विभिन्न समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) और धारा 299 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 की धारा 3(1)(r) और 3(1)(u) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। हल्द्वानी के पुलिस अधीक्षक (नगर) मनोज कुमार कत्याल ने एफआईआर दर्ज होने की पुष्टि करते हुए बताया कि पूरे मामले की गहन जांच पुलिस उपाधीक्षक (DSP) स्तर के अधिकारी को सौंपी गई है।
Rahul Gandhi FIR – क्या था हल्द्वानी का पूरा विवाद
विवाद की शुरुआत 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद हुई थी। इसके कुछ दिन बाद, 11 अगस्त को स्थानीय धार्मिक संगठन ने मैदान की सफाई कर वहां हवन व शुद्धिकरण अनुष्ठान किया था। इस पर 29 अगस्त को दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राहुल गांधी ने आरोप लगाया था कि एक दलित नेता के आने के बाद मैदान का शुद्धिकरण कराया जाना भाजपा और आरएसएस की अस्पृश्यता वाली मानसिकता का प्रत्यक्ष उदाहरण है और उन्होंने इस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की थी।
Rahul Gandhi FIR – शिकायतकर्ता और आयोजकों की सफाई
शिकायतकर्ता अमित कुमार ने अपनी तहरीर में स्पष्ट किया कि रामलीला मैदान में रैली के बाद गंदगी और शराब की खाली बोतलें बिखरी थीं, जिसके चलते अनुसूचित जाति सहित समाज के सभी वर्गों के लोगों ने मिलकर सफाई अभियान चलाया और मैदान की पवित्रता बहाल करने के लिए हवन किया था। आयोजकों ने कहा कि इस अनुष्ठान का मल्लिकार्जुन खरगे की जाति से कोई लेना-देना नहीं था, लेकिन राहुल गांधी ने इसे जातिगत रंग देकर समाज में तनाव पैदा करने और सेवा भाव से जुड़े लोगों की छवि खराब करने का प्रयास किया।
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