Mumbai Defective BEST Buses Under Scanner Road Safety Penalties – मुंबई की सार्वजनिक परिवहन सेवा बृहन्मुंबई विद्युत आपूर्ति एवं परिवहन (BEST) की बसों में लगातार सामने आ रही तकनीकी खामियों और इनसे होने वाली सड़क दुर्घटनाओं को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार कर लिया है। बेस्ट की महाप्रबंधक (GM) सोनिया सेठी ने वेट-लीज (Wet-Lease) यानी निजी ठेकेदारों द्वारा चलाई जा रही खराब बसों के खिलाफ भारी दंडात्मक शुल्क लगाने और उनकी मरम्मत की समय-सीमा को सीमित करने का ठोस प्रस्ताव पेश करने का ऐलान किया है। बेस्ट समिति की बैठक में सदस्यों द्वारा यह मुद्दा उठाए जाने के बाद प्रबंधन ने माना कि वर्तमान में लगाए जाने वाले मामूली जुर्माने निजी ऑपरेटरों पर कोई प्रभाव नहीं डाल पा रहे हैं, जिसके चलते यात्रियों और सड़क पर चल रहे अन्य नागरिकों की जान जोखिम में पड़ रही है।
Mumbai Defective BEST Buses Under Scanner Road Safety Penalties – मौजूदा जुर्माना नाकाफी, प्रति-किलोमीटर कमाई के लिए मरम्मत टालते हैं ऑपरेटर
बेस्ट समिति की बैठक में महाप्रबंधक सोनिया सेठी ने स्वीकार किया कि वेट-लीज ऑपरेटरों पर लगाया जाने वाला मौजूदा 1,000, 1,500 और 3,000 रुपये का जुर्माना इतना कम है कि ठेकेदारों पर इसका कोई असर नहीं होता। ऑपरेटरों के लिए बसों की मरम्मत कराने के बजाय मामूली जुर्माना भरकर बस को सड़क पर दौड़ना और प्रति किलोमीटर के हिसाब से किराया कमाना अधिक फायदेमंद साबित होता है। उन्होंने कहा कि प्रशासन इस बात की समीक्षा कर रहा है कि जुर्माने की राशि को कितना बढ़ाया जाए और वाहनों की मरम्मत अवधि (Rectification Period) को घटाकर कड़ा बनाया जाए, ताकि सुरक्षा मानकों से कोई समझौता न हो सके।
Mumbai Defective BEST Buses Under Scanner Road Safety Penalties – 774 बसों में मिले थे ब्रेक और स्टीयरिंग के गंभीर दोष, कार्यशालाओं में महीनों खड़ी रहती हैं गाड़ियां
समिति में इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाते हुए शिवसेना (यूबीटी) सदस्य नितिन नांदगांवकर ने आंकड़े पेश किए कि कुछ महीने पहले हुई जांच में 774 बसों में तकनीकी खामियां पाई गई थीं। इनमें स्टीयरिंग लॉक, ब्रेक फेलियर का खतरा और ब्रेक लाइनर से जुड़ी बेहद गंभीर समस्याएं शामिल थीं, जो बड़े हादसों का कारण बन सकती हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ठेकेदार वित्तीय नुकसान से बचने के लिए उचित मरम्मत के बिना ही बसों को रूट पर उतार देते हैं। इसके साथ ही समिति के सदस्यों ने इस बात पर भी गंभीर चिंता जताई कि कई बसें मरम्मत के नाम पर डिपो और कार्यशालाओं में लगभग एक-एक महीने तक अक्रियाशील खड़ी रहती हैं, जिससे सार्वजनिक सेवाओं पर असर पड़ता है।
Mumbai Defective BEST Buses Under Scanner Road Safety Penalties – 180 किमी के अनिवार्य भुगतान वाले क्लॉज पर सवाल, अनुबंधों में संशोधन की मांग
बेस्ट समिति की अध्यक्ष तृष्णा विश्वासराव और वरिष्ठ सदस्य सुनील गणाचार्य ने अनुबंध की उन शर्तों पर सवाल खड़े किए जिनके तहत ऑपरेटरों को प्रतिदिन न्यूनतम 180 किलोमीटर का भुगतान तय होता है, भले ही बसें 140 से 150 किलोमीटर ही चलाई गई हों। उन्होंने कहा कि जनता के पैसे का यह सरासर नुकसान है। समिति के सदस्यों ने मुख्यमंत्री से भी इस मामले में हस्तक्षेप की बात दोहराते हुए मांग की कि वेट-लीज अनुबंधों के सभी विवादित क्लॉज की समीक्षा की जाए और ड्राइवरों-कंडक्टरों की जवाबदेही तय हो। जीएम सोनिया सेठी ने आश्वासन दिया कि आगामी बैठक में कड़े जुर्माने और सुधार से जुड़ा विस्तृत प्रस्ताव मंजूरी के लिए लाया जाएगा।
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