Defence Ministry Signs Rs 811 Cr Deal BDL Procure SAT-SAAW IAF – भारतीय वायुसेना (IAF) की लंबी दूरी की सटीक मारक क्षमता को अभूतपूर्व मजबूती देने के लिए रक्षा मंत्रालय ने सार्वजनिक क्षेत्र के रक्षा उपक्रम भारत डायनामिक्स लिमिटेड (BDL) के साथ 810.79 करोड़ रुपये (लगभग 811 करोड़ रुपये) के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। इस ऐतिहासिक समझौते के तहत वायुसेना के लिए 160 अत्याधुनिक सैटेलाइट स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन्स (SAT-SAAW) और उनसे जुड़े साजो-सामान की खरीद की जाएगी। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह की मौजूदगी में नई दिल्ली में हस्ताक्षरित यह सौदा पूरी तरह से स्वदेशी ‘बाय (इंडियन-आईडीडीएम)’ श्रेणी के तहत किया गया है, जो ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान को नई गति देगा।
Defence Ministry Signs Rs 811 Cr Deal BDL Procure SAT-SAAW IAF – 110 किमी तक सटीक ग्लाइड बम; दुश्मन के एयरबेस, हैंगर और रनवे को करेगा नेस्तनाबूद
‘SAT-SAAW’ हवा से जमीन पर सटीक निशाना साधने वाला एक अत्याधुनिक और हल्का प्रिसिजन-गाइडेड ग्लाइड बम (Glide Bomb) है, जिसे रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) द्वारा डिजाइन और विकसित किया गया है। यह बम इनर्शियल नेविगेशन और सैटेलाइट सिस्टम (जीपीएस/ग्लोनास) के संयुक्त सिग्नलों पर काम करता है, जिससे इसकी प्रभावी मारक दूरी 100 से 110 किलोमीटर तक हो जाती है। इसका मुख्य काम दुश्मन के एयरफील्ड, रनवे, एयरक्राफ्ट हैंगर, बंकर और कंक्रीट से बने मजबूत सैन्य ठिकानों को लड़ाकू विमान को खतरे में डाले बिना स्टैंड-ऑफ रेंज से पूरी तरह तबाह करना है। महंगी सामरिक मिसाइलों की तुलना में यह ग्लाइड बम बेहद किफायती और सामूहिक अभियानों में घातक साबित होता है।
Defence Ministry Signs Rs 811 Cr Deal BDL Procure SAT-SAAW IAF – सुखोई-30 एमकेआई, जगुआर और हॉक विमानों से हो सकेगा लॉन्च; 60% स्वदेशी सामग्री से लैस
मंत्रालय के अनुसार, यह आधुनिक हथियार प्रणाली भारतीय वायुसेना के अग्रिम पंक्ति के लड़ाकू विमानों जैसे सुखोई-30 एमकेआई (Su-30 MKI), जगुआर (Jaguar) और हॉक (Hawk) एयरक्राफ्ट से आसानी से दागी जा सकती है। इस वेपन सिस्टम में 60 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री होगी। इसके अलावा, इनिशियल मेजरमेंट यूनिट (IMU), लॉन्ग इम्पैक्ट डिले फ्यूज और ट्विन स्टोर कैरियर जैसे महत्वपूर्ण उप-प्रणालियों (Sub-systems) का निर्माण भी देश के भीतर ही किया जा रहा है। इससे न केवल घरेलू रक्षा विनिर्माण को बल मिलेगा, बल्कि विदेशी कलपुर्जों पर निर्भरता भी पूरी तरह खत्म होगी।
Defence Ministry Signs Rs 811 Cr Deal BDL Procure SAT-SAAW IAF – 2027 से 2029 के बीच होगी 160 बमों की डिलीवरी, फ्रंटलाइन स्क्वाड्रन होंगे और घातक
अनुबंध के मुताबिक, भारत डायनामिक्स लिमिटेड द्वारा इन 160 सैटेलाइट-गाइडेड बमों की डिलीवरी वित्तीय वर्ष 2027-28 और 2028-29 के बीच पूरी की जाएगी। उल्लेखनीय है कि सा (SAAW) प्रोजेक्ट को पहली बार 2013 में मंजूरी मिली थी और 2021 में इसके शुरुआती संस्करण वायुसेना में शामिल किए गए थे, जिनका सफल ऑपरेशनल इस्तेमाल भी देखा जा चुका है। अब इस बड़े पैमाने पर नए बैच के शामिल होने से किसी भी आक्रामक या जवाबी सैन्य कार्रवाई की स्थिति में भारतीय वायुसेना की परिचालन क्षमता कई गुना बढ़ जाएगी।
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