BMC Faces Corporator Pushback 14 Feet Slum Demolition Drive – बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) द्वारा 1 अक्टूबर से शहर की 14 फीट या उससे अधिक ऊंची 39,111 अनधिकृत झोपड़ियों और संरचनाओं के खिलाफ घोषित किए गए तीन महीने के विशेष तोड़फोड़ अभियान को लेकर नगर निगम प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच तीखा टकराव शुरू हो गया है। हाल ही में ‘पेडेस्ट्रियन फर्स्ट’ (Pedestrian First) फुटपाथ अतिक्रमण विरोधी मुहिम पर उठे विवाद के बाद अब इस प्रस्तावित डिमोलिशन ड्राइव पर भी सभी राजनीतिक दलों के नगरसेवक लामबंद हो गए हैं। बीएमसी की स्थायी समिति (Standing Committee) की बैठक के दौरान शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेताओं ने एक सुर में इस कार्रवाई का कड़ा विरोध किया और प्रशासन से इस जनविरोधी फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की।
BMC Faces Corporator Pushback 14 Feet Slum Demolition Drive – स्टैंडिंग कमेटी में उठा पॉइंट ऑफ ऑर्डर; पीढ़ियों से रह रहे हाशिए के लोगों पर संकट का आरोप
स्थायी समिति की बैठक में शिवसेना (यूबीटी) के वरिष्ठ नगरसेवक और पूर्व अध्यक्ष यशोधर फणसे ने ‘पॉइंट ऑफ ऑर्डर’ उठाते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इन 14 फीट ऊंची संरचनाओं में रहने वाले अधिकांश लोग समाज के वंचित और हाशिए के तबकों से हैं और कई दशकों से यहां बस रहे हैं, जिनमें मुंबई के मूल ईस्ट इंडियन और गांवठान समुदाय के लोग भी शामिल हैं। फणसे ने सवाल उठाया कि किस आधार पर इन झोपड़ियों को तोड़ने के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है? दशकों से रह रहे परिवारों के आशियानों को रातोंरात बिना किसी पुनर्वास नीति के ध्वस्त करना सरासर अन्याय है।
BMC Faces Corporator Pushback 14 Feet Slum Demolition Drive – ‘हमें मीडिया से पता चला प्रस्ताव’; कांग्रेस नेता अशरफ आजमी ने जनप्रतिनिधियों की अनदेखी पर जताया रोष
नगर निगम में कांग्रेस पार्टी के नेता अशरफ आजमी ने भी प्रशासन के मनमाने रवैये पर कड़ा एतराज जताया। उन्होंने कहा कि इतना बड़ा और विवादित प्रस्ताव लाने से पहले नगर निगम के किसी भी राजनीतिक दल के गुट नेता या पार्षदों से कोई सलाह-मशविरा नहीं किया गया। जनप्रतिनिधियों को इस विनाशकारी कदम की जानकारी अखबारों और मीडिया के माध्यम से मिली। आजमी ने कहा कि मुंबई की जमीनी हकीकत को समझे बिना एसी कमरों में बैठकर फैसले लिए जा रहे हैं, जबकि लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनता के चुने हुए प्रतिनिधियों की राय लेना अनिवार्य होना चाहिए।
BMC Faces Corporator Pushback 14 Feet Slum Demolition Drive – बीजेपी नेता गणेश खणकर ने भी लिखा कमिश्नर को पत्र; 40 फीसदी आबादी में डर का माहौल
विपक्षी दलों के अलावा सत्तारूढ़ भाजपा के सदन नेता गणेश खणकर ने भी नगर निगम आयुक्त को पत्र लिखकर इस योजना को तत्काल वापस लेने की मांग की है। खणकर ने अपने पत्र में इसके सामाजिक-आर्थिक प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि मुंबई की लगभग 40 प्रतिशत आबादी झुग्गी बस्तियों में निवास करती है। प्रशासन द्वारा जारी किए जा रहे नोटिसों के कारण बस्तियों में भारी अफरातफरी और भय का माहौल पैदा हो गया है। मानखुर्द जैसी हालिया त्रासदियों के नाम पर आम नागरिकों के सिर से छत छीनने के बजाय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि सरकार को इनके नियमितीकरण और संरचनात्मक सुरक्षा पर नीतिगत कदम उठाने चाहिए।
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