Maharashtra Cuts Land Acquisition Base For 12 Percent Extra Payment – महाराष्ट्र सरकार ने विभिन्न विकास परियोजनाओं के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले किसानों और भूमि मालिकों को दिए जाने वाले अतिरिक्त 12 प्रतिशत भुगतान की गणना पद्धति में बड़ा बदलाव किया है। राज्य के राजस्व विभाग ने 10 सितंबर 2026 को एक नया शासन निर्णय (GR) जारी करते हुए 28 अक्टूबर 2016 के अपने पुराने आदेश को बदल दिया है। नए नियमों के तहत, भूस्वामियों को मिलने वाला 12% अतिरिक्त घटक अब केवल जमीन के मूल बाजार मूल्य (Basic Market Value) पर आंका जाएगा, न कि सरकारी मल्टीप्लायर फैक्टर (गुणांक 2) जोड़ने के बाद। इस फैसले से बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की लागत में तो कमी आएगी, लेकिन भूमि अधिग्रहण के दायरे में आने वाले किसानों को मिलने वाली अंतिम मुआवजा राशि काफी घट जाएगी।
Maharashtra Cuts Land Acquisition Base For 12 Percent Extra Payment – उदाहरण से समझें असर; 24 लाख के बदले अब केवल 12 लाख रुपये मिलेगा सालाना अतिरिक्त भुगतान
भूमि अधिग्रहण कानून 2013 की धारा 30(3) के अनुसार, अधिग्रहण नोटिस के प्रकाशन से लेकर जमीन का वास्तविक कब्जा मिलने तक सालाना 12 प्रतिशत अतिरिक्त भुगतान का प्रावधान है। पूर्व व्यवस्था में यदि किसी किसान की जमीन का मूल बाजार मूल्य 1 करोड़ रुपये था और उस पर ग्रामीण क्षेत्र का फैक्टर 2 लागू होता था, तो 12% अतिरिक्त भुगतान 2 करोड़ रुपये पर यानी 24 लाख रुपये सालाना बनता था। लेकिन नए परिपत्र के बाद यह 12 प्रतिशत केवल मूल 1 करोड़ रुपये पर ही गिना जाएगा, जिससे अतिरिक्त राशि घटकर सीधे 12 लाख रुपये प्रति वर्ष रह जाएगी। यह भारी अंतर सीधे तौर पर किसानों की आय और मुआवजे को प्रभावित करेगा।
Maharashtra Cuts Land Acquisition Base For 12 Percent Extra Payment – एमएसआरडीसी ने मांगी थी स्पष्टता, विरार-अलिबाग और शक्तिपीठ प्रोजेक्ट्स में तेजी लाने का तर्क
अधिकारियों के अनुसार, महाराष्ट्र राज्य सड़क विकास निगम (MSRDC) ने इस गणना में संशोधन और स्पष्टता की मांग की थी। एमएसआरडीसी इस समय राज्य में ‘विरार-अलिबाग मल्टीमॉडल कॉरिडोर’ और प्रस्तावित ‘शक्तिपीठ एक्सप्रेसवे’ जैसी मेगा परियोजनाओं के लिए बड़े पैमाने पर भूमि अधिग्रहण कर रहा है। एजेंसी का तर्क था कि पुरानी गणना से अधिग्रहण लागत में भारी इजाफा हो रहा था और मुकदमों (Litigations) की संख्या बढ़ रही थी। अटॉर्नी जनरल की कानूनी राय के आधार पर सरकार ने यह माना कि 2013 के कानून के तहत धारा 26(1) के तहत तय बाजार मूल्य पर ही 12% लागू होना चाहिए, न कि धारा 26(2) का फैक्टर जोड़ने के बाद।
Maharashtra Cuts Land Acquisition Base For 12 Percent Extra Payment – किसान संगठनों में आक्रोश के आसार, विपक्ष उठा सकता है मुआवजे में कटौती का मुद्दा
राज्य सरकार के इस नए परिपत्र से जहां सरकारी खजाने और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर वित्तीय बोझ कम होगा, वहीं आगामी समय में किसान संगठनों और विपक्षी दलों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ सकता है। जमीन अधिग्रहण से प्रभावित होने वाले किसानों का आरोप है कि पहले से ही लंबी प्रक्रियाओं के कारण जमीनों का कब्जा देर से मिलता है, ऐसे में अतिरिक्त घटक में कटौती करना भूमिपुत्रों के अधिकारों पर कुठाराघात है। आगामी विधानसभा और राजनीतिक चर्चाओं में किसानों के मुआवजे में इस कटौती को एक बड़ा मुद्दा बनाए जाने की पूरी संभावना है।
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