
बॉम्बे लीक्स ,नई दिल्ली
दिल्ली : राजस्थान में जारी कांग्रेस पार्टी के अंदर के सियासी तूफान के बीच आल इंडिया कांग्रेस पार्टी ने संगठन में राज्य के 55 नेताओं को अहमियत दी है।देखा जाए तो इस साल के आखिर में राजस्थान में विधानसभा चुनाव होने हैं। ऐसे में पार्टी हर कदम बहुत सोच समझ कर उठा रही है। इसी कड़ी में पार्टी नेतृत्व ने राजस्थान के 55 कांग्रेस नेताओं को अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सदस्य नियुक्त किया गया है।
बता दे कि आल इंडिया कंग पार्टी में राजस्थान से सीएम अशोक गहलोत, पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट समेत पार्टी के कद्दावर नेताओं के नाम शामिल हैं। हालांकि, सदस्यों की नियुक्ति में सूबे के वो नेता शामिल नहीं हैं, जिन्हें पिछले साल 25 सितंबर की घटना को लेकर नोटिस जारी किया गया था। इनमें शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ का नाम है, जिन्हें लिस्ट में जगह नहीं मिली है।
कांग्रेस की लिस्ट पर नजर डालें तो सचिन पायलट खेमे को भी ज्यादा तरजीह मिलती नजर नहीं आई है। जानकारी के मुताबिक, AICC सदस्यों की लिस्ट में पायलट के अलावा उनके करीबी तीन और नेताओं को जगह मिली है। इनमें मुरारीलाल मीणा और विधायक इंद्राज गुर्जर और कुलदीप इंदौरा का नाम शामिल है। कांग्रेस के रायपुर अधिवेशन से पहले पार्टी ने AICC सदस्यों की ये नियुक्ति की है।
कांग्रेस पार्टी की तरफ से जारी की गई नई सूची में राजस्थान से विधानसभा अध्यक्ष सी.पी. जोशी, पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह, गुजरात कांग्रेस कमेटी के प्रभारी डॉ रघु शर्मा का नाम शामिल है। इनके अलावा मोहन प्रकाश, पवन खेड़ा, नीरज डांगी, अभिषेक मनु सिंघवी सहित 55 नेताओं को एआईसीसी का सदस्य नियुक्त किया गया है। राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट
प्रदेश कांग्रेस समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा को भी लिस्ट में जगह मिली है। कई मंत्री और राज्यसभा सदस्य भी इसमें शामिल है।एआईसीसी सदस्यों की लिस्ट देखें तो इसमें अशोक गहलोत खेमे का दबदबा नजर आ रहा। सीएम के बेटे वैभव गहलोत और विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी का नाम इसमें शामिल है। हालांकि, गहलोत के करीबियों में शामिल तीन कांग्रेसी नेता कैबिनेट मंत्री शांति धारीवाल, महेश जोशी और आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ को नई लिस्ट में जगह नहीं दी है।
25 सितंबर 2022 को कांग्रेस की तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के निर्देश पर राजस्थान के सीएम निवास पर पार्टी विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी। हालांकि, गहलोत गुट के विधायकों ने इस बैठक का बहिष्कार करते हुए समानांतर दूसरी बैठक बुला ली थी। शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौड़ को जिम्मेदार माना गया। इन तीनों नेताओं को अनुशासनहीनता का दोषी मानते हुए नोटिस जारी किया गया था। माना जा रहा कि इसी वजह से उन्हें AICC सदस्यों की सूची में जगह नहीं मिली है।
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