Pune Mystery Death: महाराष्ट्र के पुणे में 34 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली मुग्धा देशमुख जुलाई 2025 में MBA की पढ़ाई के लिए लंदन गई थीं। परिवार को लगा कि वह अब भी ब्रिटेन में रहकर पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन पुलिस जांच में सामने आया कि मुग्धा अगस्त 2026 में ही बिना किसी को बताए भारत लौट आई थीं। वह पुणे के पिंपरी-चिंचवड़ इलाके में किराये के फ्लैट में अकेली रह रही थीं। कई दिनों तक उनसे संपर्क नहीं होने पर परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान ऑनलाइन फूड डिलीवरी के बैंक ट्रांजैक्शन ने पुलिस को उनके पुणे में होने का सुराग दिया। जब पुलिस फ्लैट तक पहुंची तो मुग्धा मृत अवस्था में मिलीं। उनके शरीर पर चोट के स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं और मौत का वास्तविक कारण जानने के लिए जांच जारी है।
MBA करने लंदन गई थीं मुग्धा, अगस्त में चुपचाप भारत लौटकर पुणे में रहने लगीं
Pune Mystery Death: पुणे के गहुंजे इलाके में स्थित लोढ़ा बेलमोंडो हाउसिंग सोसायटी में 34 वर्षीय मुग्धा देशमुख का शव मिलने से कई सवाल खड़े हो गए हैं।
मुग्धा मूल रूप से महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर की रहने वाली थीं। जुलाई 2025 में वह उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन गई थीं, जहां उन्होंने MBA की पढ़ाई शुरू की थी। लंदन में रहने के दौरान वह पार्ट-टाइम नौकरी भी कर रही थीं।
पुलिस के मुताबिक, मुग्धा अपने माता-पिता से नियमित रूप से फोन कॉल और व्हाट्सऐप के जरिए संपर्क में रहती थीं। उनकी बातचीत से परिवार को यही लगता रहा कि वह लंदन में हैं।
हालांकि, जांच में सामने आया कि मुग्धा अगस्त 2026 के आखिर में ब्रिटेन से भारत लौट आई थीं। उन्होंने अपने माता-पिता को इस बारे में जानकारी नहीं दी।
पुलिस के अनुसार, उन्होंने पुणे के गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो सोसायटी में अप्रैल 2026 के आसपास एक फ्लैट किराये पर लिया था। भारत लौटने के बाद अगस्त या सितंबर से वह इसी अपार्टमेंट में रहने लगी थीं।
जांच में यह जानकारी भी सामने आई है कि पुणे में रहने के दौरान मुग्धा कुछ MBA छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाती थीं।
हालांकि, वह लंदन से अचानक भारत क्यों लौटीं और उन्होंने अपने परिवार को इसकी जानकारी क्यों नहीं दी, यह अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है।
24 अक्टूबर से संपर्क बंद, Zomato और Swiggy के ट्रांजैक्शन से मिला पुणे का पता
मुग्धा की तलाश तब शुरू हुई जब 24 अक्टूबर से उनके परिवार का उनसे संपर्क नहीं हो सका। उनका मोबाइल फोन भी बंद आने लगा।
उनके पिता अविनाश देशमुख ने कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।
इसके बाद परिवार ने लंदन में रहने वाली मुग्धा की एक दोस्त से संपर्क किया। दोस्त ने बताया कि उसकी मुग्धा से आखिरी बातचीत 22 अक्टूबर को मैसेज के माध्यम से हुई थी।
मुग्धा की दोस्त ने लंदन पुलिस से भी मदद मांगी। जांच के दौरान वहां की पुलिस ने बताया कि मुग्धा अगस्त के आखिर में ही ब्रिटेन छोड़ चुकी थीं।
यह जानकारी सामने आने के बाद परिवार की चिंता और बढ़ गई।
मुग्धा के पिता ने उनकी बैंक स्टेटमेंट की जांच की। इसमें 8 अक्टूबर से 25 अक्टूबर के बीच ऑनलाइन फूड डिलीवरी और अन्य डिजिटल सेवाओं से संबंधित कई भुगतान दर्ज थे।
इन ट्रांजैक्शन में Zomato, Swiggy, Blinkit और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से किए गए भुगतान शामिल थे।
कुछ ट्रांजैक्शन छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा इलाके से जुड़े होने के संकेत मिले। इससे परिवार को संदेह हुआ कि मुग्धा भारत में ही हो सकती हैं।
अविनाश देशमुख ने छत्रपति संभाजीनगर के उस्मानपुरा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज करके उनकी तलाश शुरू की।
जांच अधिकारियों ने ऑनलाइन फूड डिलीवरी की ऑर्डर हिस्ट्री और डिजिटल भुगतान की जानकारी का विश्लेषण किया।
इस दौरान Zomato के एक डिलीवरी रिकॉर्ड से पुणे के गहुंजे स्थित लोढ़ा बेलमोंडो सोसायटी का पता मिला।
इसके बाद छत्रपति संभाजीनगर पुलिस ने पिंपरी-चिंचवड़ पुलिस की मदद से संबंधित फ्लैट तक पहुंचने की कार्रवाई की।
फ्लैट का दरवाजा अंदर से बंद मिला, शव पर चोट के निशान नहीं; पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस टीम जब लोढ़ा बेलमोंडो सोसायटी में मुग्धा के फ्लैट तक पहुंची तो उसका दरवाजा अंदर से बंद था।
पुलिस ने वैकल्पिक चाबी और स्थानीय सहायता से दरवाजा खुलवाया। अंदर मुग्धा देशमुख मृत अवस्था में मिलीं।
पुलिस के अनुसार, शव विघटित अवस्था में था, जिससे आशंका है कि उनकी मौत पुलिस के पहुंचने से कुछ समय पहले हो चुकी थी। हालांकि, मृत्यु का सही समय अभी आधिकारिक रूप से स्थापित नहीं हुआ है।
पिंपरी-चिंचवड़ के शिरगांव पुलिस स्टेशन के वरिष्ठ निरीक्षक देवेंद्र चव्हाण ने बताया कि मुग्धा के शरीर पर बाहरी चोट के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले हैं।
शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया है, लेकिन प्रारंभिक जांच से मौत का निश्चित कारण सामने नहीं आया है। आगे की रासायनिक जांच के लिए विसरा के नमूने सुरक्षित रखे गए हैं।
पुलिस पड़ोसियों, घरेलू सहायिका और सोसायटी के सुरक्षाकर्मियों से भी पूछताछ कर रही है।
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, मुग्धा सोसायटी में बहुत कम लोगों से बातचीत करती थीं और अधिकतर अकेली रहती थीं।
सोसायटी के सुरक्षाकर्मी ने जांच अधिकारियों को बताया कि मुग्धा से मिलने आने वाले अधिकांश लोग फूड डिलीवरी से जुड़े होते थे।
एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी यह भी सामने आई है कि मौत से करीब एक सप्ताह पहले मुग्धा ने अपनी घरेलू सहायिका से काम पर नहीं आने को कहा था। उन्होंने बताया था कि वह फ्लैट छोड़ने की योजना बना रही हैं।
अब पुलिस मुग्धा के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, बैंक ट्रांजैक्शन और अन्य डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है।
जांच अधिकारियों के सामने कई सवाल हैं। मुग्धा लंदन से बिना बताए भारत क्यों लौटी थीं? वह पुणे में किन लोगों के संपर्क में थीं? और उनकी मौत किन परिस्थितियों में हुई?
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। मौत के कारण का पता लगाने के लिए मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों की जांच जारी है।
फिलहाल शिरगांव पुलिस स्टेशन में आकस्मिक मृत्यु का मामला दर्ज किया गया है। अंतिम निष्कर्ष पोस्टमॉर्टम, रासायनिक विश्लेषण और जांच के अन्य निष्कर्षों के आधार पर ही सामने आएगा।
(46113)