Navi Mumbai Airport – नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (NMIA) के निर्माणाधीन परिसर से तांबे के तार और केबल चोरी के आरोप में गिरफ्तार किए गए एक 35 वर्षीय व्यक्ति की एनआरआई सागरी (NRI Coastal) पुलिस स्टेशन की हिरासत में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। हिरासत में मौत (Custodial Death) की इस गंभीर घटना के बाद नवी मुंबई पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, आरोपी को हवाई अड्डा निर्माण स्थल से चोरी की शिकायत के बाद हिरासत में लिया गया था और कोर्ट ने उसे पुलिस कस्टडी में भेजा था। लॉकअप के भीतर अचानक सीने में दर्द और बेचैनी की शिकायत के बाद उसे तुरंत नजदीकी महानगर पालिका अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
Navi Mumbai Airport – हवाई अड्डा परियोजना स्थल से तांबे की तार चुराने का था आरोप; पुलिस रिमांड पर था आरोपी
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, निर्माणाधीन नवी मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल और रनवे क्षेत्र से लाखों रुपये मूल्य की तांबे की बिजली की तारें चोरी होने के मामले में सुरक्षा एजेंसी और ठेकेदार ने एनआरआई कोस्टल पुलिस थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने उल्वे इलाके से आरोपी को गिरफ्तार किया था। अदालत में पेश करने के बाद पुलिस ने आगे की बरामदगी और रैकेट में शामिल अन्य कबाड़ियों की पहचान के लिए उसकी रिमांड हासिल की थी। पूछताछ के दौरान आरोपी पुलिस लॉकअप में बंद था, जहां यह अप्रत्याशित घटना घटी।
Navi Mumbai Airport – अचानक बिगड़ी तबीयत और अस्पताल में मौत; परिजनों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप
ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का दावा है कि तड़के आरोपी ने अचानक सांस लेने में तकलीफ और सीने में तेज दर्द की शिकायत की। पुलिस वैन के जरिए उसे तुरंत वाशी स्थित डीवाई पाटिल / मनपा अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन उपचार शुरू होने से पहले ही उसकी नब्ज थम चुकी थी। दूसरी ओर, मृतक के परिजनों ने पुलिस दावों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान कबूलनामे और माल बरामदगी के लिए उस पर अत्यधिक थर्ड डिग्री और शारीरिक प्रताड़ना का इस्तेमाल किया गया, जिसके चलते उसकी जान गई। परिजनों ने मामले में जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की ह
Navi Mumbai Airport – राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नियमों के तहत सीआईडी जांच शुरू; मजिस्ट्रेट करेंगे पूछता
पुलिस हिरासत में मौत होने के कारण राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के दिशा-निर्देशों के तहत पूरे मामले की जांच राज्य अपराध जांच विभाग (CID) को सौंप दी गई है। इसके साथ ही एक न्यायिक मजिस्ट्रेट (Metropolitan/Judicial Magistrate) द्वारा स्वतंत्र जांच शुरू कर दी गई है। शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों के एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा कराया जा रहा है, जिसकी पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी की जा रही है ताकि विसरा रिपोर्ट और चोटों के निशान की निष्पक्ष पुष्टि हो सके। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि यदि पोस्टमार्टम रिपोर्ट या मजिस्ट्रियल जांच में पुलिसिया लापरवाही या ज्यादती की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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