Raj Thackeray – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की कार्यप्रणाली में सुधार, पेपर लीक के खिलाफ सख्त कानून और विभिन्न विभागों में रिक्त 70 हजार पदों पर तत्काल भर्ती की मांग को लेकर पुणे में जारी छात्रों के विशाल आंदोलन के बीच एक बड़ा सकारात्मक मोड़ सामने आया है। मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से वर्षा बंगले पर एक उच्च-स्तरीय और विस्तृत बैठक की। बैठक के तुरंत बाद मीडिया से बातचीत करते हुए राज ठाकरे ने प्रदर्शनकारी युवाओं को आश्वस्त किया कि मुख्यमंत्री के साथ चर्चा बेहद सकारात्मक रही है और आगामी एक से दो दिनों के भीतर एमपीएससी छात्रों के लिए एक बड़ी “खुशखबरी” सामने आ सकती है। सरकार छात्रों की जायज मांगों को लेकर संवेदनशील है और गतिरोध को समाप्त करने के लिए ठोस घोषणा की तैयारी में है
Raj Thackeray – मुख्यमंत्री के सामने रखे छात्रों के मुख्य मुद्दे; न्यायिक जांच और पद वृद्धि पर विस्तृत चर्च
राज ठाकरे ने बताया कि बैठक के दौरान उन्होंने हाल ही में पुणे में प्रदर्शनकारी छात्रों से मिले फीडबैक और उनकी मुख्य मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष बिंदुवार रखा। इनमें एमपीएससी आयोग के पुनर्गठन, ड्रग्स इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक मामले की निष्पक्ष न्यायिक जांच, ऑफलाइन मोड में सुरक्षित परीक्षा आयोजन और आगामी परीक्षाओं में सीटों की संख्या बढ़ाने जैसे संवेदनशील मुद्दे शामिल थे। राज ठाकरे के अनुसार, मुख्यमंत्री फडणवीस ने सभी बिंदुओं पर गंभीरता से विचार करते हुए स्पष्ट किया कि सरकार किसी भी छात्र के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देगी और प्रशासनिक अड़चनों को दूर कर जल्द ही औपचारिक आदेश जारी किए जाएंगे
Raj Thackeray – रोहित पवार भी पहुंचे मुख्यमंत्री आवास; छात्र हित में सत्ता और विपक्ष की साझा सक्रियत
पुणे के आंदोलन को लेकर राज्य की सियासत में अभूतपूर्व हलचल देखने को मिल रही है। राज ठाकरे के अलावा एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने भी प्रतिनिधिमंडल के साथ मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात कर छात्रों के ज्ञापन को सौंपा। रोहित पवार पिछले कई दिनों से आंदोलन स्थल पर छात्रों के साथ धरने में सक्रिय रहे हैं। विभिन्न राजनीतिक दलों के शीर्ष नेताओं द्वारा छात्रों के समर्थन में लामबंद होने से राज्य सरकार पर इस मामले का त्वरित और स्थायी समाधान निकालने का भारी दबाव बन गया है।
Raj Thackeray – सड़कों पर डटे हैं हजारों छात्र सरकारी घोषणा के बाद ही आंदोलन वापसी पर होगा फैसला
दूसरी तरफ, पुणे के अलका टॉकीज चौक और शास्त्री रोड पर हजारों छात्र लगातार भूख हड़ताल और शांतिपूर्ण धरने पर डटे हुए हैं। छात्र समन्वय समिति का कहना है कि जब तक सरकार की ओर से आधिकारिक गजट या शासनादेश (GR) जारी नहीं होता, तब तक वे अपना विरोध वापस नहीं लेंगे। हालांकि, राज ठाकरे के बयान और मुख्यमंत्री कार्यालय की सक्रियता के बाद छात्रों में उम्मीद की नई किरण जगी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आगामी स्थानीय चुनावों और राज्य के राजनीतिक माहौल को देखते हुए सरकार जल्द ही मेगा भर्ती और परीक्षा कैलेंडर को लेकर बड़ी राहत दे सकती है।
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