Mumbai Cyber Fraud Racket 2898 SIM Cards – मुंबई पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने उपनगरीय मलाड इलाके में छापेमारी कर अंतरराष्ट्रीय ऑनलाइन ठगी नेटवर्क को फर्जी सिम कार्ड मुहैया कराने वाले एक बड़े सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में तीन प्रमुख आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के ठिकाने से विभिन्न टेलीकॉम कंपनियों के कुल 2,898 प्री-एक्टिवेटेड सिम कार्ड, कई मोबाइल हैंडसेट, लैपटॉप और बायोमेट्रिक डिवाइस बरामद किए गए हैं। वित्तीय जांच में गिरोह द्वारा संचालित बैंक खातों से पिछले कुछ महीनों के दौरान ₹24 करोड़ से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेनदेन (Transactions) का खुलासा हुआ है।
Mumbai Cyber Fraud Racket 2898 SIM Cards – फर्जी दस्तावेजों और फिंगरप्रिंट क्लोनिंग से एक्टिवेट करते थे थोक में सिम कार्ड
साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह ग्रामीण और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के निर्दोष नागरिकों के आधार कार्ड और पहचान पत्रों का दुरुपयोग कर गैर-कानूनी तरीके से सिम कार्ड एक्टिवेट करता था। कई मामलों में नागरिकों को सरकारी योजनाओं या राशन कार्ड अपडेट करने का झांसा देकर उनके फिंगरप्रिंट लिए गए और फिर सिलिकॉन अंगूठा छापों की मदद से एक ही व्यक्ति के नाम पर दर्जनों सिम जारी करवा लिए गए। इसके बाद इन सिम कार्डों को महंगे दामों पर देश और विदेश में बैठे संगठित साइबर अपराधियों को बेच दिया जाता था।
Mumbai Cyber Fraud Racket 2898 SIM Cards – कंबोडिया और चीन से जुड़े तार, डिजिटल अरेस्ट और निवेश घोटालों में हुआ इस्तेमाल
प्रारंभिक तकनीकी तफ्तीश में सामने आया है कि इन बरामद सिम कार्डों में से सैकड़ों नंबर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों—विशेष रूप से कंबोडिया, लाओस और म्यांमार—के साइबर सिंडिकेट्स के साथ जुड़े हुए थे। इन भारतीय नंबरों का उपयोग देश भर के नागरिकों को व्हाट्सएप और टेलीग्राम के जरिए ‘डिजिटल अरेस्ट’, पार्ट-टाइम जॉब फ्रॉड, शेयर बाजार में फर्जी निवेश और पार्सल में ड्रग्स मिलने की झूठी धमकियां देकर ठगने के लिए किया जाता था। भारतीय नंबर होने के कारण आम पीड़ित आसानी से इन ठगों के झांसे में आ जाते थे।
Mumbai Cyber Fraud Racket 2898 SIM Cards – ₹24 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क, 17 बैंक खातों को कराया गया फ्रीज
पुलिस ने आरोपियों के पास से बरामद डायरियों, बैंक पासबुक और डिजिटल रिकॉर्ड्स का विश्लेषण कर ऐसे 17 ‘म्यूल बैंक खातों’ (Mule Accounts) की पहचान की है, जिनमें साइबर ठगी से उड़ाई गई रकम जमा कराई जा रही थी। जांच अधिकारियों ने इन सभी बैंक खातों को तत्काल प्रभाव से फ्रीज करवा दिया है, जिनमें लाखों रुपये की रकम मौजूद है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धोखाधड़ी, जालसाजी और आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर अदालत से उनकी हिरासत हासिल कर ली गई है ताकि सिंडिकेट के मुख्य मास्टरमाइंड तक पहुंचा जा सके।
Post View : 62486






























