Delhi Airport Managing 35 Special Aircraft BRICS – नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में शामिल होने पहुंचे विश्व नेताओं और उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडलों के लिए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के हवाई क्षेत्र और हवाई अड्डों पर अभूतपूर्व विमानन अभियान (Aviation Operation) संचालित किया जा रहा है। इस वैश्विक महामंथन के लिए लगभग 35 विशेष विमानों (Special Aircraft) की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए एक बहु-एजेंसी और मल्टी-एयरपोर्ट प्रबंधन योजना लागू की गई है। इसका मुख्य उद्देश्य शीर्ष विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के सुरक्षित आवागमन को सुनिश्चित करना और साथ ही दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे (IGI Airport) से संचालित होने वाली नियमित यात्री उड़ानों में बिना किसी बड़े व्यवधान के सामंजस्य बैठाना है।
Delhi Airport Managing 35 Special Aircraft BRICS – पालम टेक्निकल एरिया में शीर्ष नेताओं की लैंडिंग, काफिले के लिए बनाए गए मल्टीपल एग्जिट
विमानन सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत सामान्य यात्रियों और वीवीआईपी आवाजाही को पूरी तरह अलग रखा गया है। मंत्रियों और वरिष्ठ प्रतिनिधियों के लिए औपचारिक लाउंज की व्यवस्था की गई है, जबकि शी जिनपिंग और व्लादिमीर पुतिन जैसे शीर्ष राष्ट्राध्यक्षों के विमानों को भारतीय वायुसेना (IAF) के पालम टेक्निकल एरिया में उतारा गया। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) और खुफिया एजेंसियों ने जमीन पर सुरक्षा जोखिमों को खत्म करने के लिए अनूठा सुरक्षा चक्र तैयार किया है। विमान से उतरकर सुरक्षा काफिले तक पहुंचने के रूट को अप्रत्याशित (Unpredictable) बनाए रखने के लिए रनवे पर कई निकास द्वार (Multiple Exits) और अतिरिक्त वाहन तैयार रखे गए हैं, और अंतिम क्षणों में ही काफिले का वास्तविक गेट तय किया जा रहा है।
Delhi Airport Managing 35 Special Aircraft BRICS – कमर्शियल उड़ानों के समय में 10-15 मिनट का बदलाव, दिल्ली के 300 किमी दायरे में उड़ानों पर कड़े प्रतिबंध
सामान्य दिनों में वीवीआईपी विमान की लैंडिंग या टेकऑफ के दौरान हवाई क्षेत्र (Airspace) को केवल 3 से 4 मिनट के लिए नियंत्रित किया जाता है, लेकिन ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान एक साथ कई वैश्विक नेताओं के आगमन को देखते हुए इस समय सीमा का व्यापक विस्तार और समन्वय किया गया है। नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) ने 11 से 13 सितंबर तक दिल्ली के 300 किलोमीटर के दायरे में गैर-अनुसूचित (Non-scheduled) निजी चार्टर विमानों, हल्के विमानों और यूएवी (ड्रोन) के संचालन पर सख्त प्रतिबंध लगा दिए हैं। वहीं, नियमित घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के शेड्यूल में 10 से 15 मिनट का मामूली समायोजन किया गया है ताकि किसी भी व्यावसायिक विमान को हवा में लंबा चक्कर न काटना पड़े।
Delhi Airport Managing 35 Special Aircraft BRICS – दिल्ली, पालम, हिंडन और नोएडा एयरपोर्ट पर विमानों की पार्किंग; जयपुर-लखनऊ भी स्टैंडबाय पर
35 विशेष और भारी-भरकम विमानों (Wide-body & Narrow-body Aircraft) के जमावड़े के चलते दिल्ली हवाई अड्डे पर पार्किंग की समस्या से बचने के लिए पड़ोसी शहरों के हवाई अड्डों का इस्तेमाल किया जा रहा है। एयरफोर्स स्टेशन पालम में 12 पार्किंग स्लॉट, आईजीआई एयरपोर्ट पर 12 बे, नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 12 बे और हिंडन एयरबेस पर 10 पार्किंग बे आरक्षित किए गए हैं। आपातकालीन स्थिति या अतिरिक्त दबाव के लिए जयपुर और लखनऊ हवाई अड्डों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। इसके अतिरिक्त, विमानों में भरे जाने वाले एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) के नमूनों की दोहरी सुरक्षा जांच की जा रही है, जिससे इस विशाल आयोजन को निर्बाध सुरक्षा कवच मिला है।
Post View : 58294






























