Mithi River Makeover BMC Kurla Mahim 2029 – मुंबई की ऐतिहासिक मीठी नदी के पुनरुद्धार और प्रदूषण मुक्ति के लिए बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने अभियान को तेज कर दिया है। नगर निगम प्रशासन ने मीठी नदी कायाकल्प परियोजना के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील चरण—कुर्ला से माहिम कॉजवे तक के निचले हिस्से—को वर्ष 2029 तक पूरी तरह विकसित करने का कड़ा लक्ष्य निर्धारित किया है। 2005 की भयावह मुंबई बाढ़ के बाद से चर्चा में रहे इस प्रोजेक्ट के तहत नदी के किनारों को कंक्रीट की मजबूत रिटेनिंग वॉल से सुरक्षित करने, गाद निकालने (Dredging) और अनुपचारित सीवेज को सीधे नदी में गिरने से रोकने के लिए बड़े पैमाने पर सीवर डायवर्जन टनल का निर्माण किया जा रहा है।
Mithi River Makeover BMC Kurla Mahim 2029 – कुर्ला से माहिम का दायरा सबसे जटिल, अनधिकृत बस्तियों का विस्थापन और सीवेज लाइनें बड़ी चुनौती
बीएमसी के स्टॉर्म वाटर ड्रेन (SWD) विभाग के इंजीनियरों के अनुसार, मीठी नदी का कुर्ला, कलिना, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) और माहिम खाड़ी से सटा अंतिम बहाव क्षेत्र तकनीकी दृष्टि से सबसे चुनौतीपूर्ण है। इस 6 से 8 किलोमीटर के स्ट्रेच में सैकड़ों अनधिकृत कारखाने, कबाड़ गोदाम और घनी झुग्गी बस्तियां स्थित हैं, जिनका दूषित पानी और औद्योगिक कचरा दशकों से सीधे मीठी में गिरता रहा है। नागरिक निकाय ने इस पूरे दायरे में इंटरसेप्टर सीवर लाइनें बिछाने की योजना बनाई है, ताकि गंदे पानी को सीधे पास के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) की ओर मोड़ा जा सके और नदी में केवल साफ बरसाती पानी ही बहे।
Mithi River Makeover BMC Kurla Mahim 2029 – रिटेनिंग वॉल और सर्विस रोड का निर्माण, बाढ़ के खतरे को स्थायी रूप से घटाने की योजना
परियोजना के तहत नदी के किनारों पर बाढ़ सुरक्षा दीवारें (Flood Protection Retaining Walls) बनाई जा रही हैं, जिससे मानसून के दौरान ऊंची लहरों (High Tide) और भारी बारिश के एक साथ आने पर कुर्ला और कलिना के निचले इलाकों में जलभराव का संकट न पैदा हो। इसके अलावा, नदी के दोनों किनारों पर मेंटेनेंस सर्विस रोड और पौधरोपण कर रिवरफ्रंट के रूप में हरित पट्टी विकसित करने की भी योजना है। इससे नदी की नियमित निगरानी संभव होगी और भविष्य में किनारों पर नए सिरे से अतिक्रमण या कचरा फेंकने की गतिविधियों पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकेगी।
Mithi River Makeover BMC Kurla Mahim 2029 – 2029 की समयसीमा पर टिकी निगाहें, पर्यावरणविदों ने गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन पर दिया जोर
नागरिक प्रशासन का दावा है कि आवश्यक टेंडर प्रक्रियाओं और फंड आवंटन को अंतिम रूप दे दिया गया है और काम को तय 2029 की समयसीमा के भीतर पूरा करने के लिए विभिन्न एजेंसियों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। दूसरी ओर, पर्यावरण कार्यकर्ताओं और शहर नियोजन विशेषज्ञों का कहना है कि मीठी को महज कंक्रीट चैनल बनाने के बजाय उसकी प्राकृतिक जैव विविधता और मैंग्रोव पारितंत्र की रक्षा करना जरूरी है। यदि यह प्रोजेक्ट समय पर पूरा होता है, तो मध्य मुंबई और पश्चिमी उपनगरों के लाखों नागरिकों को मानसून की तबाही से स्थायी मुक्ति मिलेगी और शहर को एक स्वच्छ जलधारा वापस मिल सकेगी।
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