India Russia Aircraft Manufacturing Talks – भारत और रूस ने नागरिक विमान विनिर्माण (Civil Aircraft Manufacturing) के क्षेत्र में अपने द्विपक्षीय सहयोग का तेजी से विस्तार किया है। केंद्रीय नागर विमानन मंत्री किंजरापु राम मोहन नायडू ने पुष्टि की है कि टर्बोप्रॉप विमान आईएल-114 (IL-114) और जेट-इंजन वाले सुखोई सुपरजेट-100 (Sukhoi Superjet-100) के घरेलू स्तर पर निर्माण को लेकर दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट किया कि भारत में बन रहे नए हवाई अड्डों और तेजी से बढ़ते क्षेत्रीय संपर्क (Regional Connectivity) के नेटवर्क के लिए ये दोनों विमान बेहद उपयुक्त और किफायती हैं। भारत सरकार देश के भीतर ही जल्द से जल्द इनकी असेंबली और निर्माण लाइन शुरू करने की इच्छुक है।
India Russia Aircraft Manufacturing Talks – एचएएल और रूस के बीच एमओयू पर केंद्रित रही वार्ता, भारत में स्थापित होंगी असेंबली लाइनें
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने बताया कि रूसी प्रतिनिधिमंडल के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठकों में हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) और रूसी विमान निर्माताओं के बीच पूर्व में हस्ताक्षरित सहमति पत्र (MoU) के क्रियान्वयन पर विशेष जोर दिया गया। इसका मुख्य लक्ष्य भारत में इन यात्री विमानों की पूरी विनिर्माण और असेंबली लाइन स्थापित करना है, ताकि तकनीक हस्तांतरण के साथ घरेलू विमानन उद्योग को मजबूती मिल सके। मंत्री ने रेखांकित किया कि छोटे और दूरदराज के हवाई अड्डों को आपस में जोड़ने वाली ‘उड़ान’ (UDAN) जैसी योजनाओं को सुचारू रूप से चलाने के लिए उपयुक्त श्रेणी के विमानों की भारी मांग है, जिसे आईएल-114 टर्बोप्रॉप और सुखोई सुपरजेट-100 सफलतापूर्वक पूरा कर सकते हैं।
India Russia Aircraft Manufacturing Talks – पिछले दो दशकों में भारत का अभूतपूर्व कायाकल्प, रूसी प्रतिनिधिमंडल ने की खुले दिल से सराहना
बैठक के विवरण साझा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने बताया कि रूसी प्रतिनिधिमंडल ने पिछले दो दशकों में भारत द्वारा विभिन्न क्षेत्रों में हासिल की गई प्रगति और विकास यात्रा की जमकर सराहना की है। उन्होंने कहा कि रूसी पक्ष ने स्वीकार किया कि 20 साल पहले के मुकाबले आज का भारत एक मजबूत, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर निर्णायक भागीदार बनकर उभरा है। भारत न केवल अपनी रक्षा और नागरिक आवश्यकताओं को पूरा करने में सक्षम है, बल्कि वह अंतरराष्ट्रीय मंचों पर वैश्विक अवसरों को भुनाने और रणनीतिक साझेदारी को व्यावहारिक धरातल पर उतारने की पूरी क्षमता रखता है।
India Russia Aircraft Manufacturing Talks – 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी को तैयार भारत, ‘अतिथि देवो भव’ के साथ होगा स्वागत
केंद्रीय विमानन मंत्री ने 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन की तैयारियों का भी उल्लेख किया। इस वर्ष शिखर सम्मेलन का आधिकारिक विषय ‘रेसिलिएंस, इनोवेशन, कोऑपरेशन एंड सस्टेनेबिलिटी’ रखा गया है। नायडू ने कहा कि देश भर के हवाई अड्डों और प्रमुख स्थलों को ‘अतिथि देवो भव’ की भावना के अनुरूप सजाया गया है ताकि विदेशी प्रतिनिधियों को भारत की गर्मजोशी और सांस्कृतिक आतिथ्य का अनुभव हो सके। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया भारत के रणनीतिक दृष्टिकोण और नेतृत्व पर नजर गड़ाए हुए है और ब्रिक्स का यह मंच वैश्विक स्तर पर भारत की केंद्रीय भूमिका को और सशक्त करेगा।
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