Mumbai Borivali Police – मुंबई पुलिस महकमे में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए महाराष्ट्र भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की मुंबई यूनिट ने बोरीवली पुलिस स्टेशन में तैनात एक पुलिस उपनिरीक्षक (PSI) को 1.3 लाख रुपये की घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस अधिकारी की पहचान 31 वर्षीय ज्ञानेश्वर पराडे (Dnyaneshwar Parade) के रूप में हुई है। एसीबी अधिकारियों के मुताबिक, बोरीवली पुलिस स्टेशन में दर्ज एक आपराधिक मामले में शिकायतकर्ता और उसकी दो बहनों को गिरफ्तारी से बचाने और जांच में सहयोग करने की एवज में उपनिरीक्षक ने रिश्वत की भारी मांग की थी। शिकायतकर्ता द्वारा एसीबी में संपर्क किए जाने के बाद मंगलवार को जाल बिछाकर आरोपी को रिश्वत की पहली किस्त लेते हुए रंगे हाथों दबोच लिया गया।
Mumbai Borivali Police – गिरफ्तारी और प्रताड़ना से बचाने के लिए मांगी थी 1.5 लाख की रिश्वत; 1.3 लाख में तय हुआ सौदा
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता और उसके परिवार के सदस्यों के खिलाफ बोरीवली पुलिस स्टेशन में एक आपराधिक मामला दर्ज किया गया था, जिसकी जांच उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर पराडे कर रहे थे। जांच के दौरान पराडे ने शिकायतकर्ता से कहा कि यदि वह और उसकी दो बहनें पुलिसिया गिरफ्तारी व कानूनी कार्रवाई से बचना चाहते हैं, तो उन्हें 1.5 लाख रुपये देने होंगे। बातचीत के दौरान मोलभाव के बाद आरोपी अधिकारी 1 लाख 30 हजार रुपये लेने पर सहमत हुआ। शिकायतकर्ता घूस देने के मूड में नहीं था, इसलिए उसने सीधे एंटी-करप्शन ब्यूरो की वर्ली स्थित मुंबई यूनिट में जाकर लिखित शिकायत दर्ज करा दी।
Mumbai Borivali Police – शिकायत का गोपनीय सत्यापन हुआ सही, बोरीवली में जाल बिछाकर पकड़ा गया पीएसआई
शिकायत मिलने के तुरंत बाद एसीबी मुंबई की टीम ने आरोपों का गोपनीय सत्यापन (Verification) कराया। सत्यापन के दौरान यह स्पष्ट रूप से साबित हुआ कि उपनिरीक्षक पराडे ने मामले में राहत देने और बहनों को गिरफ्तार न करने के लिए 1.3 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी। इसके बाद एसीबी की ट्रैपिंग टीम ने बोरीवली इलाके में जाल बिछाया। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी पुलिस अधिकारी को 1 लाख 30 हजार रुपये की रिश्वत की रकम सौंपी, पहले से तैयार एसीबी अधिकारियों ने मौके पर ही छापा मारकर ज्ञानेश्वर पराडे को घूस की नकदी के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
Mumbai Borivali Police – भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज; आवासीय ठिकानों की तलाशी जारी
एसीबी ने आरोपी उपनिरीक्षक ज्ञानेश्वर पराडे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (Prevention of Corruption Act) की संबंधित धाराओं के तहत औपचारिक मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। ब्यूरो की टीमें अब आरोपी के कार्यालयीन रिकॉर्ड, केबिन और आवासीय परिसरों की तलाशी ले रही हैं ताकि उसकी अघोषित संपत्तियों और अन्य वित्तीय लेनदेन का विवरण जुटाया जा सके। एसीबी अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई भी लोक सेवक या पुलिस अधिकारी किसी कानूनी काम के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो नागरिक निडर होकर भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के टोल-फ्री नंबर 1064 पर शिकायत दर्ज कराएं।
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