Raj Thackeray – महाराष्ट्र लोक सेवा आयोग (MPSC) की परीक्षाओं में अनियमितताओं, लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और 70 हजार रिक्त पदों पर मेगा भर्ती की मांग को लेकर पुणे के शास्त्री रोड और एसएम जोशी पुल के पास प्रदर्शन कर रहे हजारों प्रतियोगी छात्रों के आंदोलन में मनसे (MNS) अध्यक्ष राज ठाकरे ने सीधे एंट्री ली है। सोमवार को पुणे पहुंचकर प्रदर्शनकारी छात्रों से संवाद करते हुए राज ठाकरे ने उनके आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन दिया, लेकिन साथ ही प्रशासनिक और संवैधानिक हकीकत भी स्पष्ट की। छात्रों द्वारा एमपीएससी अध्यक्ष के तत्काल इस्तीफे की मांग पर राज ठाकरे ने स्पष्ट कहा कि लोक सेवा आयोग एक संवैधानिक संस्था है और इसके अध्यक्ष को सीधे बर्खास्त करना किसी भी राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में नहीं होता; इसके लिए संविधान के अनुच्छेद 317 के तहत राज्यपाल और राष्ट्रपति के स्तर पर कानूनी व न्यायिक जांच की प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य है।
Raj Thackeray – ‘नेताओं के झूठे सपनों में न आएं, हकीकत समझें’; छात्रों को भावनाओं में न बहने की नसीहत
राज ठाकरे ने प्रदर्शनकारी युवाओं को आगाह करते हुए कहा कि आंदोलन स्थल पर कई राजनीतिक दल और नेता आएंगे, जो उन्हें बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाएंगे और झूठे आश्वासन देकर उनका फायदा उठाने की कोशिश करेंगे। उन्होंने कहा, “मैं कड़वी बात कहने के लिए जाना जाता हूं, लेकिन आपको हकीकत को समझना होगा। अध्यक्ष को हटाने या राजीनामा लेने के नियम कायदे होते हैं। कई नेता यहां आकर कहेंगे कि सरकार तुरंत अध्यक्ष को हटा देगी, लेकिन यह इतना आसान नहीं है। आपको अपनी लड़ाई व्यवस्थागत बदलाव और समय पर भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने पर केंद्रित रखनी चाहिए।” उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे जातिगत राजनीति में बंटने के बजाय बेरोजगारी के खिलाफ अपनी एकजुटता बनाए रखें।
Raj Thackeray – ‘मराठी युवाओं की नौकरी के लिए किसी के पैर छूने को तैयार, दिन-रात की मेहनत पर न फिरे पानी’
विदर्भ, मराठवाड़ा और ग्रामीण महाराष्ट्र से पुणे आकर संघर्ष कर रहे छात्रों का दर्द साझा करते हुए राज ठाकरे ने भावुक अंदाज में कहा कि वे महाराष्ट्र के भूमिपुत्रों के रोजगार और सम्मान के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उन्होंने कहा, “हमारे बच्चे पेट काटकर, दिन-रात एक कर पढ़ाई करते हैं, लेकिन परीक्षा के दिन पता चलता है कि पेपर लीक हो गया। यह युवाओं के भविष्य के साथ क्रूर खिलवाड़ है। मराठी लड़के-लड़कियों को सरकारी और निजी क्षेत्र में नौकरियां दिलाने के लिए अगर मुझे सत्ताधारियों या किसी के भी पैर पकड़ने पड़े, तो मैं उसके लिए भी तैयार हूं।” उन्होंने जोर देकर कहा कि छात्रों के भीतर व्यवस्था के खिलाफ उठा यह आक्रोश केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि इसे तब तक जिंदा रखना होगा जब तक पूरी प्रणाली नहीं सुधरती।
Raj Thackeray – सरकार ने सचिव को हटाया, तीन महीने में न्यायिक जांच का आश्वासन; आंदोलन जारी
ड्रग्स इंस्पेक्टर परीक्षा पेपर लीक विवाद और छात्रों के उग्र विरोध को देखते हुए राज्य सरकार ने आयोग के सचिव महेंद्र हरपाळकर का प्रतिनियुक्ति कार्यकाल पहले ही समाप्त कर दिया है। साथ ही मुख्यमंत्री ने पूर्व व वर्तमान एमपीएससी अध्यक्षों और सदस्यों के कामकाज की अनुच्छेद 317 के तहत तीन महीने में न्यायिक जांच कराने की घोषणा की है। हालांकि, छात्र संगठन निष्पक्ष एसआईटी जांच, ऑफलाइन परीक्षा और सभी रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती विज्ञापन की मांग पर अड़े हुए हैं। राज ठाकरे के आंदोलन में शामिल होने से छात्रों की आवाज को व्यापक राजनीतिक समर्थन मिला है और प्रशासन पर इस गतिरोध को जल्द सुलझाने का दबाव काफी बढ़ गया है।
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