मुंबई में साइबर ठगी के नए और डरावने मामलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामले में, भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र (BARC) के एक 79 वर्षीय सेवानिवृत्त कर्मचारी को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बनकर ठगों ने ‘डिजिटल अरेस्ट’ का झांसा दिया और लाखों रुपये ऐंठ लिए।
Cyber Fraud – मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का डर दिखाकर बनाया शिकार
जोगेश्वरी पश्चिम के निवासी बुजुर्ग को आरोपियों ने फोन कर खुद को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित पर एक फर्जी मनी लॉन्ड्रिंग मामले में शामिल होने का गंभीर आरोप लगाया और गिरफ्तारी का भय दिखाकर उन्हें मानसिक रूप से पूरी तरह दबाव में ले लिया।
Cyber Fraud – डिजिटल अरेस्ट’ की आड़ में ट्रांसफर करवाए 13.3 लाख रुपये
ठगों ने बुजुर्ग को घंटों वीडियो कॉल पर ‘डिजिटल अरेस्ट’ की स्थिति में रखा और उन्हें घर से बाहर जाने या किसी अन्य से बात करने से रोक दिया। इसके बाद, वेरिफिकेशन के नाम पर उनकी जीवनभर की बचत विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करवा ली, जिससे उन्होंने कुल 13.3 लाख रुपये गंवा दिए।
Cyber Fraud – पुलिस जांच जारी, साइबर सुरक्षा को लेकर फिर उठी चिंता
जब बुजुर्ग को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ, तब उन्होंने पुलिस से संपर्क कर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस इस हाई-टेक साइबर रैकेट की तह तक जाने के लिए तकनीकी जांच कर रही है और लगातार नागरिकों से अपील कर रही है कि ऐसे फर्जी ‘डिजिटल अरेस्ट’ कॉल्स से सावधान रहें।
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