Mumbai BMC Rainwater Harvesting – वित्तीय राजधानी मुंबई में भूजल स्तर (Groundwater Level) को रिचार्ज करने और भविष्य के जल संकट से निपटने के उद्देश्य से बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने अपने परिसरों में वर्षा जल संचयन को अनिवार्य रूप से लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम प्रशासन ने पूर्वी उपनगरों के मुलुंड (टी वार्ड) और घाटकोपर (एन वार्ड) स्थित पांच प्रमुख नागरिक संपत्तियों पर अत्याधुनिक रेनवाटर हार्वेस्टिंग (Rainwater Harvesting) प्रणालियां स्थापित करने का निर्णय लिया है। इस परियोजना के तहत नागरिक भवनों की छतों से गिरने वाले बारिश के पानी को वैज्ञानिक तरीके से एकत्रित और फिल्टर कर भूजल पुनर्भरण व बागवानी और फ्लशिंग जैसी गैर-पेयजल उपयोगिताओं के लिए सुरक्षित किया जाएगा।
Mumbai BMC Rainwater Harvesting – मुलुंड और घाटकोपर के अस्पतालों और प्रशासनिक परिसरों में लगेंगे उन्नत सिस्टम
बीएमसी के जल आपूर्ति और भवन संधारण विभाग द्वारा तैयार योजना के अनुसार, चिन्हित पांच संपत्तियों में मुलुंड स्थित एमटी अग्रवाल म्युनिसिपल जनरल अस्पताल परिसर, स्थानीय वार्ड कार्यालय और घाटकोपर स्थित प्रमुख नागरिक स्वास्थ्य केंद्र व सार्वजनिक भवन शामिल हैं। इन इमारतों की छतों का क्षेत्रफल काफी बड़ा है, जिससे मॉनसून के दौरान लाखों लीटर वर्षा जल बहकर नालों में व्यर्थ चला जाता था। परियोजना के तहत इन सभी भवनों पर रूफटॉप कैचमेंट पाइपलाइन, सैंड-ग्रेवल फिल्ट्रेशन यूनिट्स और भूमिगत स्टोरेज पिट्स का निर्माण किया जाएगा ताकि बारिश की हर बूंद का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
Mumbai BMC Rainwater Harvesting – भूजल पुनर्भरण के साथ बोरवेल के पानी की गुणवत्ता में होगा सुधार
नगर निगम के वरिष्ठ इंजीनियरों ने बताया कि पूर्वी उपनगरों के कई इलाकों में पिछले कुछ वर्षों में अनियंत्रित बोरवेल खुदाई और कंक्रीटीकरण के कारण भूजल स्तर में भारी गिरावट दर्ज की गई है। रेनवाटर हार्वेस्टिंग के जरिए जब छतों का साफ पानी जमीन के भीतर एक्विफर्स (Aquifers) में उतारा जाएगा, तो इससे न केवल स्थानीय भूजल स्तर ऊपर उठेगा, बल्कि बोरवेल के पानी में खारेपन की समस्या भी काफी हद तक दूर होगी। इसके अलावा, इमारतों में लगे स्टोरेज टैंकों का पानी आपातकालीन परिस्थितियों और परिसर के दैनिक रखरखाव कार्यों में सीधे काम आएगा।
Mumbai BMC Rainwater Harvesting – निजी सोसायटियों के लिए मिसाल पेश करने की तैयारी, पूरे मुंबई में विस्तार की योजना
बीएमसी अधिकारियों का कहना है कि नियमों के मुताबिक 500 वर्ग मीटर से बड़े निजी भूखंडों और नई हाउसिंग सोसायटियों के लिए रेनवाटर हार्वेस्टिंग अनिवार्य है, लेकिन कई जगह इसका पालन केवल कागजों पर होता है। नगर निगम खुद अपने सरकारी और सार्वजनिक भवनों में इन प्रणालियों को पूरी तरह क्रियान्वित कर मुंबईकरों और हाउसिंग सोसायटियों के लिए एक मिसाल कायम करना चाहता है। मुलुंड और घाटकोपर के इन पांच प्रोजेक्ट्स के सफल क्रियान्वयन के बाद आने वाले वित्तीय वर्ष में पश्चिमी उपनगरों और शहर के अन्य सरकारी स्कूलों, फायर स्टेशनों व म्युनिसिपल मार्केट्स में भी इस योजना का विस्तार किया जाएगा।
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