BMC Stops Sewage Inflows Powai Lake – मुंबई के प्रमुख प्राकृतिक जलस्रोतों में शुमार और जैव विविधता का केंद्र मानी जाने वाली ऐतिहासिक पवई झील (Powai Lake) के पुनरुद्धार की दिशा में बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) ने एक ऐतिहासिक सफलता हासिल की है। बीएमसी के पर्यावरण और सीवेज ऑपरेशंस विभाग ने घोषणा की है कि 1 अक्टूबर 2026 से पवई झील में गिरने वाले सभी 19 सीवेज इनफ्लो (गंदे पानी के नालों) को पूरी तरह से बंद और डायवर्ट कर दिया गया है। इसके चलते प्रतिदिन झील के स्वच्छ पानी में मिलने वाले लगभग 18 मिलियन लीटर प्रति दिन (MLD) दूषित और अनट्रीटेड सीवेज का प्रवाह शून्य हो गया है। कई वर्षों से प्रदूषण, गाद और जलकुंभी (Water Hyacinth) की मार झेल रही इस खूबसूरत झील के लिए यह निर्णय एक बड़े पर्यावरण सुधारक कदम के रूप में देखा जा रहा है।
BMC Stops Sewage Inflows Powai Lake – 19 नालों को इंटरसेप्टर लाइनों से जोड़ा गया; भांडुप सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट भेजा जा रहा है गंदा पानी
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, पवई झील के चारों ओर स्थित घनी झुग्गी बस्तियों, होटलों और आवासीय सोसायटियों से निकलने वाला गंदा पानी 19 विभिन्न नालों के जरिए सीधे झील में गिरता था। बीएमसी ने एक विशेष इंजीनियरिंग परियोजना के तहत झील की परिधि में भूमिगत इंटरसेप्टर सीवर लाइनें बिछाईं और इन सभी नालों को मुख्य सीवरेज नेटवर्क से जोड़ दिया। अब यह 18 एमएलडी दूषित पानी झील में जाने के बजाय सीधे भांडुप स्थित आधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) भेजा जा रहा है, जहां वैज्ञानिक तरीके से इसका उपचार किया जाएगा। इस कदम से झील के जल प्रदूषण स्तर में तुरंत और बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।
BMC Stops Sewage Inflows Powai Lake – मगरमच्छों, पक्षियों और मछलियों के प्राकृतिक आवास को मिलेगा नया जीवन
पवई झील न केवल मुंबई का एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है, बल्कि यह दुर्लभ प्रजाति के भारतीय मगरमच्छों (Marsh Crocodiles/Muggers), सैकड़ों प्रवासी पक्षियों और स्थानीय मछलियों का प्राकृतिक पर्यावास भी है। लगातार गिरते गंदे पानी और रासायनिक अपशिष्टों के कारण झील में ऑक्सीजन का स्तर (BOD/DO Levels) खतरनाक रूप से कम हो गया था, जिससे हर साल हजारों मछलियों की मौत और जलीय जीवन पर संकट मंडरा रहा था। सीवेज प्रवाह पूरी तरह बंद होने से झील के पारिस्थितिकी तंत्र (Ecosystem) को स्वाभाविक रूप से ठीक होने का अवसर मिलेगा और विलुप्त होते जलीय जीवों की रक्षा हो सकेगी।
BMC Stops Sewage Inflows Powai Lake – जलकुंभी हटाने और एरेटर लगाने का काम जारी, इको-टूरिज्म स्पॉट के रूप में होगा विकास
गंदे पानी के प्रवाह को रोकने के बाद अब बीएमसी का ध्यान झील की सतह पर फैली विशाल जलकुंभी को स्थायी रूप से साफ करने और पानी में ऑक्सीजन बढ़ाने के लिए फ्लोटिंग एरेटर्स (Aerators) स्थापित करने पर है। इसके साथ ही झील के किनारों को सुंदर बनाने, जॉगिंग ट्रैक और साइकिलिंग ट्रैक के सुरक्षित रखरखाव की योजना भी बनाई गई है। पर्यावरणविदों और स्थानीय नागरिकों ने बीएमसी के इस कदम का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि उचित निगरानी के साथ पवई झील जल्द ही अपने पुराने नैसर्गिक और स्वच्छ स्वरूप में लौट सकेगी।
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