Mumbai Monsoon Rain – भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 1 जून से 30 सितंबर तक दर्ज किए जाने वाले आधिकारिक चार महीने के दक्षिण-पश्चिम मॉनसून सीजन की समाप्ति पर मुंबई के मौसम को लेकर अहम आंकड़े सामने आए हैं। वित्तीय राजधानी मुंबई ने वर्ष 2026 के मॉनसून सीजन का समापन समग्र बारिश की कमी (Rainfall Deficit) के साथ किया है। हालांकि सीजन के शुरुआती महीनों में, विशेष रूप से जुलाई में, जोरदार बारिश दर्ज की गई थी, लेकिन अगस्त के उत्तरार्ध और पूरे सितंबर महीने में पड़े लंबे शुष्क दौर (Dry Spell) के कारण शहर अपने सामान्य मौसमी बारिश के कोटे को पूरा करने से चूक गया। इसके बावजूद, शहर को साल भर पीने का पानी सप्लाई करने वाली झीलों के जलग्रहण क्षेत्रों में पर्याप्त बारिश होने से मुंबईकरों पर किसी बड़े जल संकट का खतरा नहीं मंडरा रहा है।
Mumbai Monsoon Rain – सितंबर में बारिश पर लगा रहा ब्रेक, सामान्य से काफी कम बरसे बादल
मौसम विभाग की सांताक्रूज और कोलाबा वेधशालाओं के आंकड़ों के अनुसार, सितंबर महीने में शहर को भारी बारिश की उम्मीद थी, लेकिन कोई बड़ा मानसूनी सिस्टम या कम दबाव का क्षेत्र (Low-Pressure Area) सक्रिय न होने के कारण बारिश लगभग नदारद रही। आमतौर पर सितंबर के महीने में भारी बारिश और विसर्जन के दौरान तेज बौछारें देखने को मिलती हैं, लेकिन इस बार सितंबर का दूसरा पखवाड़ा पूरी तरह सूखा बीता। पिछले 10 से 12 दिनों में शहर में न के बराबर बारिश दर्ज की गई, जिसने कुल मौसमी आंकड़े को सामान्य से नीचे (Deficit Zone) धकेल दिया।
Mumbai Monsoon Rain – सातों झीलों में 98 फीसदी से अधिक जलभंडार, पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता नहीं
बारिश में कमी के बावजूद बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) और मुंबईकरों के लिए सबसे बड़ी राहत की बात यह है कि शहर को पानी देने वाली सात प्रमुख झीलों मोडक सागर, तानसा, मध्य वैतरणा, भातसा, विहार, तुलसी और अपर वैतरणा के जलग्रहण क्षेत्रों (Catchment Areas) में जुलाई और अगस्त के दौरान भरपूर बारिश हुई थी। 1 अक्टूबर की स्थिति के अनुसार, इन झीलों में कुल जलभंडार अपनी कुल भंडारण क्षमता के 98 प्रतिशत से अधिक स्तर पर बना हुआ है। नियमानुसार यदि 1 अक्टूबर तक झीलों में लगभग शत-प्रतिशत पानी रहता है, तो पूरे वर्ष मुंबई में बिना किसी पानी कटौती के 3,900 मिलियन लीटर दैनिक जलापूर्ति की जा सकती है।
Mumbai Monsoon Rain – ‘अक्टूबर हीट’ की दस्तक, दिन के तापमान और उमस में होगी बढ़ोतरी
मॉनसून की आधिकारिक विदाई की प्रक्रिया शुरू होने के साथ ही मुंबई में अब ‘अक्टूबर हीट’ (October Heat) का असर दिखने लगा है। आसमान साफ रहने और तेज धूप खिलने के कारण अधिकतम तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है, जबकि उच्च आर्द्रता (Humidity) के चलते लोगों को भारी उमस और पसीने का सामना करना पड़ रहा है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक शहर में छिटपुट संवहनी बौछारें (Convective Showers) पड़ सकती हैं, लेकिन समग्र रूप से मौसम शुष्क और गर्म बना रहेगा।
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