BMC Move Against Multi Storey Shanties Faces Political Pushback – मुंबई की अनधिकृत बहुमंजिला और 14 फीट से ऊंची झुग्गियों को ध्वस्त करने की बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) की योजना अब पूरी तरह से एक बड़ा राजनीतिक मुद्दा (Political Hot Potato) बन चुकी है। 1 अक्टूबर 2026 से शहर भर में शुरू होने वाले तीन महीने के इस विशेष तोड़फोड़ अभियान को लेकर सत्तारूढ़ महायुति से लेकर विपक्षी महा विकास अघाड़ी (MVA) तक सभी दलों के नेताओं ने तीव्र विरोध दर्ज कराया है। शहर के विभिन्न वार्डों में 39,000 से अधिक चिन्हित संरचनाओं पर बुलडोजर चलाने के प्रशासनिक आदेश के खिलाफ जन प्रतिनिधियों ने सीधे नगर निगम आयुक्त और राज्य सरकार से हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और त्योहारों के मौसम को देखते हुए राजनेताओं का कहना है कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के गरीब परिवारों को बेघर करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
BMC Move Against Multi Storey Shanties Faces Political Pushback – 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक प्रस्तावित था अभियान, नगरसेवकों और विधायकों का साझा विरोध
बीएमसी ने हाल ही में मानखुर्द और अन्य झुग्गी क्षेत्रों में हुए हादसों और संरचनात्मक सुरक्षा (Structural Safety) का हवाला देते हुए 1 अक्टूबर से 31 दिसंबर तक एक सघन अभियान चलाने का परिपत्र जारी किया था। इसके तहत जमीनी मंजिल के ऊपर बनी अवैध मंजिलों और 14 फीट से ऊंची झोपड़ियों को तोड़ा जाना था। हालांकि, जैसे ही विभिन्न वार्डों में सर्वेक्षण और नोटिस जारी होने शुरू हुए, स्थानीय स्तर पर भारी असंतोष फैल गया। शिवसेना (यूबीटी), कांग्रेस, बीजेपी और एनसीपी के विधायकों व पूर्व पार्षदों ने एकजुट होकर इस कदम को जनविरोधी करार दिया और आरोप लगाया कि प्रशासन बुनियादी जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर लाखों लोगों की रोजी-रोटी और छत पर हमला कर रहा है।
BMC Move Against Multi Storey Shanties Faces Political Pushback – दिवाली त्योहार और पुनर्वास का उठा मुद्दा, नीतिगत स्पष्टता की मांग
नेताओं का तर्क है कि आगामी अक्टूबर और नवंबर के महीनों में नवरात्रि, दशहरा और दिवाली जैसे प्रमुख त्योहार हैं, ऐसे समय में किसी भी प्रकार की तोड़फोड़ से भारी मानवीय और सामाजिक संकट पैदा होगा। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि यदि कोई ढांचा असुरक्षित भी है, तो पहले वहां रहने वाले परिवारों को पक्के मकान या वैकल्पिक ट्रांजिट कैंप में जगह दी जाए। नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि जब दशकों से ये बहुमंजिला झोपड़ियां बन रही थीं, तब नगर निगम के वार्ड अधिकारी और स्थानीय इंजीनियर क्या कर रहे थे? केवल आम नागरिकों को प्रताड़ित करने के बजाय भ्रष्ट अधिकारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
BMC Move Against Multi Storey Shanties Faces Political Pushback – बीएमसी प्रशासन पर अभियान टालने का दबाव, उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक संभव
मेयर रितु तावड़े द्वारा इस कार्रवाई से खुद को अलग किए जाने और सभी दलों के नगरसेवकों के कड़े विरोध के बाद अब बीएमसी प्रशासन भारी दबाव में आ गया है। सूत्रों के अनुसार, नगर निगम आयुक्त और अतिरिक्त आयुक्त स्तर के अधिकारी अब 1 अक्टूबर से प्रस्तावित इस अभियान की रूपरेखा की समीक्षा कर रहे हैं। मंत्रालय स्तर से भी अनौपचारिक संकेत मिले हैं कि त्योहारों के बीच ऐसी किसी भी कार्रवाई को फिलहाल टाल दिया जाए ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि प्रशासन इस अभियान को या तो सीमित रखेगा या फिर आगामी कुछ महीनों के लिए स्थगित कर देगा।
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