Mumbai CNG Price – मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) में सफर करने वाले लाखों दैनिक यात्रियों और वाणिज्यिक वाहन चालकों को महंगाई का एक और झटका लगा है। महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने मुंबई और आसपास के इलाकों में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) की खुदरा कीमतों में 1 रुपये प्रति किलोग्राम की बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा मूल्य संशोधन के बाद मुंबई में सीएनजी की नई दर 88 रुपये से बढ़कर 89 रुपये प्रति किलोग्राम हो गई है। एमजीएल ने इस बढ़ोतरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में गैस की कीमतों में उतार-चढ़ाव और घरेलू व आयातित री-गैसीफाइड लिक्विफाइड नेचुरल गैस (RLNG) की इनपुट लागत में हुई वृद्धि को मुख्य कारण बताया है।
Mumbai CNG Price – इनपुट लागत की भरपाई और निर्बाध आपूर्ति के लिए दरें बढ़ाना जरूरी: महानगर गैस लिमिटेड
एमजीएल द्वारा जारी आधिकारिक बयान के अनुसार, कंपनी द्वारा आपूर्ति की जाने वाली प्राकृतिक गैस का एक बड़ा हिस्सा आयातित आरएलएनजी पर निर्भर करता है, जिसकी कीमतें सीधे अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बेंचमार्क से जुड़ी होती हैं। हाल के दिनों में गैस खरीद लागत में तेज वृद्धि दर्ज की गई है। कंपनी ने स्पष्ट किया कि 1 रुपये प्रति किलोग्राम की यह मामूली बढ़ोतरी उत्पादन और वितरण लागत में हुई भारी बढ़ोतरी की केवल आंशिक भरपाई करेगी, जिससे ग्राहकों को बिना किसी रुकावट के गैस की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी। मुंबई, ठाणे, नवी मुंबई और रायगढ़ के 500 से अधिक पंपों पर यह नई दर प्रभावी कर दी गई है।
Mumbai CNG Price – मुंबई के 13 लाख से अधिक वाहनों पर असर, ऑटो-टैक्सी यूनियनों में असंतोष
सीएनजी की कीमतों में हुई इस बढ़ोतरी का सबसे सीधा और गंभीर असर मुंबई की परिवहन रीढ़ माने जाने वाले ऑटो-रिक्शा, काली-पीली टैक्सी और ऐप-आधारित कैब चालकों पर पड़ने जा रहा है। मुंबई महानगर क्षेत्र में 13 लाख से अधिक वाहन सीएनजी से संचालित होते हैं। ऑटो-रिक्शा और टैक्सी चालक यूनियनों का कहना है कि गैस के दाम लगातार बढ़ने से उनकी रोजाना की शुद्ध बचत घटती जा रही है, जबकि मेंटेनेंस का खर्च पहले ही बढ़ चुका है। ट्रांसपोर्ट यूनियनों ने चेतावनी दी है कि यदि ईंधन की कीमतों पर अंकुश नहीं लगाया गया, तो वे राज्य परिवहन प्राधिकरण (STA) से बेस किराए में संशोधन करने की औपचारिक मांग करेंगे।
Mumbai CNG Price – पिछले छह महीनों में कीमतों में लगातार फेरबदल, आम नागरिकों के बजट पर मार
चालू वर्ष में सीएनजी की दरों में हुआ यह पांचवां संशोधन है, जिसने पर्यावरण-अनुकूल और किफायती ईंधन के रूप में सीएनजी के फायदों को काफी सीमित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि त्योहारों के सीजन में परिवहन ईंधन महंगा होने से न केवल निजी कार मालिकों का मासिक बजट गड़बड़ाएगा, बल्कि स्थानीय लॉजिस्टिक्स और माल ढुलाई की लागत बढ़ने से सब्जियों व दैनिक उपभोग की वस्तुओं के दाम भी प्रभावित हो सकते हैं। आम मुंबईकरों को डर है कि यदि ऑपरेटरों ने अतिरिक्त खर्च का बोझ यात्रियों पर डाला, तो शहर में दैनिक आवाजाही और भी महंगी हो जाएगी।
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