Manoj Jarange Health Treatment Uday Samant Talks – जालना जिले के अंतरवाली सराटी में मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आमरण अनशन पर बैठे आंदोलनकारी नेता मनोज जरांगे पाटिल ने महाराष्ट्र सरकार के उद्योग मंत्री उदय सामंत के साथ टेलीफोनिक बातचीत के बाद आखिरकार चिकित्सकीय उपचार (Medical Treatment) और दवाएं लेना स्वीकार कर लिया है। लगातार भूख हड़ताल के कारण जरांगे के शरीर में पानी की गंभीर कमी, डिहाइड्रेशन और रक्तचाप में उतार-चढ़ाव की शिकायत के बाद डॉक्टरों ने उनकी गिरती सेहत पर गहरी चिंता व्यक्त की थी। सरकार के साथ बनी सहमति के बाद मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ बंगले पर मराठा आरक्षण की मांगों पर एक उच्चस्तरीय और निर्णायक बैठक आयोजित करने का फैसला किया गया है।
Manoj Jarange Health Treatment Uday Samant Talks – उदय सामंत ने फोन पर की मध्यस्थता, समाज के व्यापक हित में उपचार लेने की अपील
राज्य सरकार की ओर से मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे उद्योग मंत्री उदय सामंत ने अंतरवाली सराटी में मौजूद प्रतिनिधियों और मनोज जरांगे पाटिल से फोन पर विस्तृत चर्चा की। सामंत ने सरकार की संवेदनशीलता का हवाला देते हुए उनसे अपील की कि आंदोलन को आगे ले जाने और समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए उनका स्वस्थ रहना अत्यंत आवश्यक है। मंत्री के ठोस आश्वासन के बाद जरांगे ने डॉक्टरों की टीम को अपनी नसों में स्लाइन और जीवनरक्षक दवाएं चढ़ाने की अनुमति दी, जिससे आंदोलनकारियों और समर्थकों ने बड़ी राहत की सांस ली है।
Manoj Jarange Health Treatment Uday Samant Talks – ‘सगे-सोयरे’ अधिसूचना और कुनबी प्रमाण पत्र पर ‘वर्षा’ बंगले पर महाबैठक
जरांगे के रुख में नरमी के बाद राज्य शासन ने लंबित मांगों के समाधान के लिए प्रशासनिक सक्रियता बढ़ा दी है। मुंबई स्थित मुख्यमंत्री के आधिकारिक आवास ‘वर्षा’ बंगले पर बुलाई गई इस आपात बैठक में मुख्यमंत्री, दोनों उपमुख्यमंत्री, महाधिवक्ता और मराठा आरक्षण उप-समिति के वरिष्ठ सदस्य शामिल हो रहे हैं। बैठक का मुख्य एजेंडा ‘सगे-सोयरे’ (रक्त संबंधियों) से संबंधित मसौदा अधिसूचना को कानूनन लागू करने, हैदराबाद और सतारा रियासत के पुराने कुनबी रिकॉर्ड्स की खोज को गति देने तथा आरक्षण आंदोलनकारियों पर दर्ज पुराने पुलिस मुकदमों की वापसी की समीक्षा करना है।
Manoj Jarange Health Treatment Uday Samant Talks – जरांगे का कड़ा संदेश इलाज लिया है, लेकिन मांगों पर कोई समझौता नहीं होगा’
उपचार शुरू कराने के बावजूद मनोज जरांगे पाटिल ने मीडिया से बातचीत में अपना रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने केवल समाज के आग्रह और सरकार के संवाद के आह्वान पर दवाएं ली हैं, लेकिन आंदोलन पीछे नहीं खींचा गया है। उन्होंने दो टूक चेतावनी दी कि जब तक मराठा समाज को ओबीसी कोटे से कुनबी जाति का प्रमाण पत्र देने और आरक्षण का स्थायी कानूनी हल निकालने की दिशा में सरकारी आदेश (GR) जारी नहीं होता, तब तक उनका संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से जारी रहेगा। उन्होंने उम्मीद जताई कि ‘वर्षा’ पर होने वाली बैठक केवल औपचारिकता न होकर सकारात्मक परिणाम देने वाली साबित होगी।
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