Indian Firm In Estonia Arms Deal Defence Ministry Clarification – एस्टोनिया द्वारा यूक्रेन को तोप के गोले (Artillery Shells) आपूर्ति करने के 70 मिलियन यूरो (लगभग 769 करोड़ रुपये) के विवादित रक्षा सौदे में भारतीय कंपनी का नाम सामने आने के बाद भारत के रक्षा मंत्रालय ने स्थिति स्पष्ट की है। वरिष्ठ रक्षा अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि विवाद के केंद्र में मौजूद भारतीय कंपनी ‘नेको डिफेंस’ (Neco Defence Munitions) या उसकी विदेशी इकाइयों का भारतीय सशस्त्र बलों या रक्षा मंत्रालय (MoD) से कोई कारोबारी लेन-देन या आपूर्ति अनुबंध नहीं है। यह स्पष्टीकरण उस समय आया है जब इस खरीद घोटाले और वित्तीय कुप्रबंधन के आरोपों के चलते एस्टोनिया के रक्षा मंत्री हन्नो पेवकुर (Hanno Pevkur) को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा है।
Indian Firm In Estonia Arms Deal Defence Ministry Clarification – एस्टोनियाई रक्षा मंत्री का इस्तीफा, यूरोपीय शांति कोष के 769 करोड़ रुपये के सौदे पर मचा बवाल
एस्टोनिया के सेंटर फॉर डिफेंस इन्वेस्टमेंट्स (RKIK) ने वर्ष 2024 में यूक्रेन की सैन्य मदद के लिए आर्टिलरी एम्युनिशन खरीदने हेतु इटली में पंजीकृत कंपनी ‘डेटासेल एस.आर.एल.’ (Datasel S.R.L.) के साथ चार अनुबंध किए थे। इसके तहत यूरोपीय संघ के ‘यूरोपियन पीस फैसिलिटी’ (EPF) से लगभग 70 मिलियन यूरो का अग्रिम भुगतान किया गया था। हालांकि, गोला-बारूद की आपूर्ति में भारी देरी हुई और जो खेप पहुंची वह गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी। अनुबंध रद्द होने और राष्ट्रीय ऑडिट रिपोर्ट में खामियां उजागर होने के बाद राजनीतिक जिम्मेदारी लेते हुए रक्षा मंत्री पेवकुर ने इस्तीफा दे दिया, जिससे यह मामला अंतरराष्ट्रीय मीडिया की सुर्खियों में आ गया।
Indian Firm In Estonia Arms Deal Defence Ministry Clarification – इटली और रोमानिया के संयंत्रों से जुड़ी नेको डिफेंस, भारतीय सेना से कोई सप्लाय ऑर्डर नहीं
रक्षा मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि नेको डिफेंस नागपुर स्थित एक स्थापित इस्पात निर्माता समूह (जयसवाल नेको) के प्रवर्तकों की स्वामित्व वाली इकाई है। कंपनी ने 2024 में इटली की हथियार और गोला-बारूद निर्माता फर्म ‘डेटासेल’ का अधिग्रहण किया था और उसका रोमानिया में एक विनिर्माण संयंत्र है, जिसके पास एस्टोनिया को गोले भरने और यूक्रेन भेजने का अनुबंध था। रक्षा अधिकारियों ने साफ किया कि इस कंपनी को भारतीय सेना या रक्षा मंत्रालय से कभी कोई आपूर्ति आर्डर नहीं मिला है, हालांकि इसने अपनी वेबसाइट पर राज्य पुलिस बलों को कुछ उपकरण सप्लाई करने का दावा किया हो सकता है।
Indian Firm In Estonia Arms Deal Defence Ministry Clarification – जयसवाल नेको इंडस्ट्रीज ने झाड़ा पल्ला, यूरोपीय पंचाट में कानूनी विवाद जारी
शेयर बाजार में सूचीबद्ध कंपनी जयसवाल नेको इंडस्ट्रीज ने भी आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी कर कहा कि डेटासेल उसकी कोई सहायक या सहयोगी कंपनी नहीं है और इस एस्टोनियाई विवाद का उसकी बैलेंस शीट पर कोई वित्तीय प्रभाव नहीं पड़ेगा। वहीं, डेटासेल ने एस्टोनिया के आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया है कि उसने पर्याप्त गोला-बारूद तैयार किया था और मामला अब यूरोपीय मध्यस्थता अदालत (Strasbourg) और एस्टोनियाई अदालतों में विचाराधीन है। भारतीय रक्षा तंत्र ने दोहराया है कि यह दो विदेशी संस्थाओं के बीच का एक निजी वाणिज्यिक विवाद है और इसका भारत सरकार की आधिकारिक रक्षा निर्यात नीति या सेना से कोई ताल्लुक नहीं है।
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