Mumbai Fake Currency Seized Crime Branch – मुंबई पुलिस की अपराध शाखा (Crime Branch) की यूनिट-2 ने महानगर में नकली नोट खपाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 500 रुपये के उच्च गुणवत्ता वाले जाली नोटों की बड़ी खेप जब्त की है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान कुल 10 लाख 64 हजार रुपये अंकित मूल्य (Face Value) के 2,128 जाली नोट बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस ने जाल बिछाकर पहले एक महिला को हिरासत में लिया और उसकी निशानदेही पर कुर्ला के पास से मुख्य पुरुष आरोपी को दबोच लिया। गिरफ्तार आरोपी को अदालत में पेश करने के बाद 10 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है।
Mumbai Fake Currency Seized Crime Branch – 1 रुपये के बदले 2 रुपये का सौदा – असली रकम के दोगुने मूल्य पर बेचते थे जाली नोट
क्राइम ब्रांच की प्रारंभिक जांच में नकली करेंसी की खरीद-फरोख्त का चौंकाने वाला तरीका सामने आया है। आरोपी असली नकदी के बदले दोगुने मूल्य की जाली करेंसी देने का सौदा करते थे। उदाहरण के तौर पर, यदि कोई खरीदार आरोपियों को 10,000 रुपये की वैध करेंसी देता था, तो उसके बदले उसे 20,000 रुपये के 500 वाले नकली नोट थमाए जाते थे। पुलिस अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि आरोपी खुद इन नकली नोटों को किस भाव पर खरीदते थे और उन्हें सप्लाई करने वाले मुख्य सरगना को प्रति लाख कितना कमीशन दिया जाता था।
Mumbai Fake Currency Seized Crime Branch – हूबहू असली जैसे दिखने वाले हाई-क्वालिटी नोट; मार्जिन, होलोग्राम और फॉन्ट में मामूली अंतर
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब्त किए गए नोट ‘हाई-क्वालिटी फेक इंडियन करेंसी’ (FICN) की श्रेणी में आते हैं, जिनमें असली 500 के नोट के लगभग सभी सुरक्षा फीचर्स की बारीकी से नकल की गई है। पहली नजर में छूने या देखने पर आम नागरिक के लिए इन्हें पहचानना बेहद मुश्किल है। हालांकि, असली नोट से सूक्ष्म तकनीकी मिलान करने पर नोट के निचले हिस्से के सफेद मार्जिन की चौड़ाई, सिक्योरिटी होलोग्राम की चमक और कुछ स्थानों पर अक्षरों के फॉन्ट व स्पेलिंग में मामूली विसंगतियां पाई गई हैं, जिनके आधार पर इन्हें पकड़ा गया।
Mumbai Fake Currency Seized Crime Branch – महाराष्ट्र के बाहर से जुड़ा सप्लाय नेटवर्क, जूते के कारोबार की आड़ में रैकेट चलाने का शक
जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि इन नकली नोटों की खेप महाराष्ट्र के बाहर से मंगवाई गई थी। क्राइम ब्रांच अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन नोटों की छपाई किस राज्य में हुई और सिंडिकेट का मास्टरमाइंड कौन है। गिरफ्तार आरोपी का मुख्य रूप से जूते का व्यवसाय है, इसलिए पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है कि वह इस व्यापार की आड़ में कब से जाली नोटों का अवैध धंधा चला रहा था। फिलहाल मामले में किसी विदेशी संबंध (विशेषकर पाकिस्तान) की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन अंतरराज्यीय कड़ियों को जोड़ने के लिए टीमें रवाना की जा रही हैं।
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