Raj Thackeray Slams PM Modi NRI Events – महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेशी दौरों के दौरान आयोजित होने वाले भव्य अनिवासी भारतीय (NRI) सम्मेलनों और केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे आर्थिक वृद्धि के दावों पर तीखा हमला बोला है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनसे प्रमुख ने कहा कि विदेशों के बड़े स्टेडियमों में ढोल-नगाड़े बजाने और जयकारे लगाने से भारत के आम नागरिक की जमीनी हकीकत नहीं बदलती। राज ठाकरे ने सरकार के आधिकारिक जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) आंकड़ों पर संदेह जताते हुए सवाल उठाया कि यदि देश वाकई इतनी तेजी से तरक्की कर रहा है, तो युवाओं को रोजगार के लिए दर-दर क्यों भटकना पड़ रहा है।
Raj Thackeray Slams PM Modi NRI Events – ‘विदेशों में रहने वाले एनआरआई देश की जमीनी दिक्कतों से पूरी तरह अनजान’: राज ठाकरे
राज ठाकरे ने प्रधानमंत्री के विदेशी आयोजनों में जुटने वाली भीड़ की मानसिकता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो भारतीय वर्षों पहले देश छोड़कर विदेशों में बस चुके हैं, वे भारत की वास्तविक परिस्थितियों से कोसों दूर हैं। उन्होंने कहा कि विदेशों में तालियां बजाना और नारे लगाना बेहद आसान है, लेकिन भारत में रहकर स्थानीय नागरिक जिन बुनियादी समस्याओं—खराब सड़कें, महंगाई, लचर स्वास्थ्य सेवाएं और गिरते शैक्षणिक स्तर—से रोज जूझते हैं, उसका अहसास वहां बैठे लोगों को नहीं है। मनसे अध्यक्ष ने तंज कसा कि विदेशी धरती पर छवि चमकाने के बजाय देश के भीतर व्यवस्था सुधारने पर ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए।
Raj Thackeray Slams PM Modi NRI Events – जीडीपी के आंकड़ों और आम आदमी की जेब के बीच भारी अंतर, आर्थिक नीतियों पर प्रहार
भारत की बढ़ती जीडीपी वृद्धि दर के दावों पर कड़ा प्रहार करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि आर्थिक तरक्की केवल कागजी आंकड़ों और सूचकांकों में नजर आ रही है। उन्होंने पूछा कि अगर जीडीपी बढ़ रही है, तो मध्यम वर्ग और गरीबों की जेब लगातार खाली क्यों हो रही है और व्यापारिक मंदी का सामना छोटे व्यापारी क्यों कर रहे हैं। ठाकरे ने आरोप लगाया कि आर्थिक विकास का लाभ केवल चंद बड़े उद्योगपतियों तक सीमित रह गया है, जबकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था, किसान और कामगार तबका आज भी बुनियादी कर्ज और तंगहाली के जाल में फंसा हुआ है।
Raj Thackeray Slams PM Modi NRI Events – महाराष्ट्र के युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार देने की मांग, सत्ता पक्ष पर साधा निशाना
अपने भाषण के दौरान उन्होंने महाराष्ट्र की राजनीतिक और सामाजिक स्थिति का भी विशेष उल्लेख किया। ठाकरे ने कहा कि राज्य के शिक्षित युवाओं को रोजगार न मिलने के कारण हताशा बढ़ रही है और कई बड़े उद्योग राज्य से बाहर जा रहे हैं। उन्होंने केंद्र और राज्य की महायुति सरकार से दिखावे की राजनीति छोड़कर युवाओं के भविष्य, ढांचागत सुधार और औद्योगिक निवेश को जमीन पर उतारने की दिशा में ठोस कदम उठाने की मांग की। राज ठाकरे के इस आक्रामक बयान के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में आरोप-प्रत्यारोप का नया दौर शुरू हो गया है।
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