दिल्ली में जंतर-मंतर के प्रतिबंधित और डी-नोटिफाइड क्षेत्र में कथित तौर पर प्रवेश करने और विरोध प्रदर्शन करने के मामले में कानूनी शिकंजा कसता जा रहा है। इसी सिलसिले में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के शीर्ष नेताओं को पूछताछ के लिए क्राइम ब्रांच के सामने पेश होना पड़ा।
Delhi Crime Branch – क्राइम ब्रांच के राजौरी गार्डन कार्यालय में हुई लंबी पूछताछ
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने CJP नेता सौरभ दास और आशुतोष रंका को समन जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया था। तय समयानुसार दोनों नेता राजौरी गार्डन स्थित क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे, जहां अधिकारियों की एक विशेष टीम ने पिछले महीने हुए विरोध प्रदर्शन और कथित उल्लंघनों को लेकर उनसे कई घंटे तक पूछताछ की।
Delhi Crime Branch – 13 अक्टूबर की घटना और एफआईआर से जुड़ा है पूरा मामला
यह पूरा मामला पिछले साल/महीने 13 अक्टूबर का है, जब CJP के सदस्यों ने कथित तौर पर जंतर-मंतर के प्रतिबंधित और डी-नोटिफाइड प्रोटेस्ट साइट में प्रवेश कर प्रदर्शन किया था और राष्ट्रीय ध्वज फहराया था। इस संबंध में कनॉट पैलेस और पार्लियामेंट स्ट्रीट थाने में दो एफआईआर दर्ज की गई थीं, जिन्हें बाद में विस्तृत जांच के लिए क्राइम ब्रांच को ट्रांसफर कर दिया गया था।
Delhi Crime Branch – न्यायिक हिरासत से रिहाई के बाद जांच में शामिल हुए नेता
इस विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों नेताओं को हिरासत में लिया था, जो कुछ दिन तिहाड़ जेल में बिताने के बाद अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट (SEM) के आदेश पर रिहा हुए थे। पूर्व में पेशी टालने के बाद दोनों नेताओं ने अब जांच में पूरा सहयोग करते हुए पुलिस के समक्ष अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है।
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