महाराष्ट्र में मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा एक कथित ऑडियो क्लिप जारी किए जाने के बाद राज्य की राजनीति में भूचाल आ गया है। इस ऑडियो में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर 500 करोड़ रुपये के लेन-देन का दावा किया गया है, जिसके चलते सत्तारूढ़ गठबंधन के प्रमुख घटक दलों—बीजेपी और शिवसेना के नेताओं के बीच जुबानी जंग छिड़ गई है।
Maharashtra Politics – रामदास कदम के गंभीर आरोप और बीजेपी का पलटवार
शिवसेना नेता रामदास कदम ने आरोप लगाया है कि मनोज जरांगे, बीजेपी के साथ मिलकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को राजनीतिक रूप से खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। कदम ने यह भी दावा किया कि वायरल ऑडियो क्लिप ‘बीजेपी द्वारा जेनरेटेड’ है। इस पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी एमएलसी प्रवीण दरेकर ने चेतावनी दी कि यदि उनके नेताओं पर व्यक्तिगत हमले किए गए, तो पार्टी चुप नहीं बैठेगी।
Maharashtra Politics – फोरेंसिक जांच और उच्च स्तरीय कार्रवाई की मांग
रामदास कदम ने मांग की है कि इस पूरे मामले और ऑडियो क्लिप की फोरेंसिक जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत को पत्र लिखकर जांच की मांग की है। दूसरी ओर, बीजेपी ने इस तरह के बेबुनियाद आरोपों और बिना सबूत पार्टी पर निशाना साधे जाने की कड़ी आलोचना की है।
Maharashtra Politics – जरांगे का पलटवार और महायुति गठबंधन में बढ़ी रार
इस बीच, मनोज जरांगे ने रामदास कदम पर पलटवार करते हुए कहा कि उन्हें कैसे पता चला कि ऑडियो क्लिप किस तारीख का है और वे मीडिया को क्यों धमका रहे हैं। इस पूरे विवाद ने सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर चल रही अंदरूनी कलह और तनाव को सतह पर ला दिया है, जहां दोनों दलों के नेता एक-दूसरे पर गंभीर आरोप-प्रत्यारोप लगा रहे हैं।
(48659)