कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने टाटा संस के भीतर चल रहे विवाद और एन. चंद्रशेखरन के पुनर्नियुक्ति मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर करारा प्रहार किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि देश के कारोबारियों में सरकार के खिलाफ बोलने की हिम्मत नहीं बची है क्योंकि शासन व्यवस्था भारतीय व्यवसायों को अपने ‘खिलौने’ की तरह इस्तेमाल कर रही है।
Tata Sons Controversy – राहुल गांधी का सोशल मीडिया पर तीखा हमला
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट शेयर करते हुए राहुल गांधी ने दावा किया कि टाटा ग्रुप को “आपराधिक रूप से नष्ट” किया जा रहा है और देश का कोई भी कारोबारी इस पर एक शब्द बोलने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा है। उन्होंने उद्योग जगत की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि आखिर वे कब तक चुप रहेंगे? भारतीय व्यापार मोदी और शाह का खिलौना नहीं है।
Tata Sons Controversy – नोएल टाटा ने जताई पुनर्नियुक्ति पर आपत्ति
यह राजनीतिक विवाद टाटा संस के बोर्ड द्वारा एन. चंद्रशेखरन को दोबारा कार्यकारी चेयरमैन नियुक्त किए जाने के निर्णय के बाद गरमाया है। टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा ने इस फैसले पर गंभीर आपत्तियां दर्ज कराई हैं। उन्होंने आरोप लगाया है कि इस पूरी प्रक्रिया में नियमों और पारदर्शिता की अनदेखी की गई है।
Tata Sons Controversy – नोएल टाटा ने मांगे अहम दस्तावेज और रिकॉर्ड्स
नोएल टाटा ने टाटा संस के कंपनी सचिव को पत्र लिखकर बैठक की पूरी ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग, अंतिम मिनट्स और मतदान के विवरण समेत कई दस्तावेज सात दिनों के भीतर उपलब्ध कराने की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि जब तक बोर्ड की बैठक के रिकॉर्ड और आपत्तियां स्पष्ट नहीं हो जातीं, तब तक इस प्रस्ताव को वैध नहीं माना जा सकता।
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