Mahayuti Tension – महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर खींचतान बढ़ गई है। शिवसेना (शिंदे गुट) के मंत्री संजय शिरसाट द्वारा छत्रपति संभाजीनगर में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके के माता-पिता से मुलाकात करने पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सख्त नाराजगी जताई है। भाजपा का मानना है कि गठबंधन सरकार के किसी मंत्री द्वारा दिपके के परिजनों से मिलना और उनका समर्थन करना पूरी तरह से अनुचित है।
Mahayuti Tension – कैबिनेट बैठक में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जताई नाराजगी
Mahayuti Tension – भाजपा की ओर से जताई गई कड़ी आपत्ति के बाद, उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने राज्य कैबिनेट की बैठक के दौरान संजय शिरसाट को जमकर फटकार लगाई। सूत्रों के अनुसार, गठबंधन सहयोगियों से बिना विचार-विमर्श किए दिपके के परिजनों को आधिकारिक सुरक्षा मुहैया कराने का वादा करने पर पार्टी नेतृत्व खासा नाराज हुआ है। हालांकि, मंत्रिमंडल में फेरबदल या खुद को हटाए जाने की चर्चाओं पर विराम लगाते हुए शिरसाट ने कहा कि किसी बदलाव का कोई प्रस्ताव नहीं है।
Mahayuti Tension – भाजपा नेताओं की सख्त प्रतिक्रिया और कार्रवाई की मांग
Mahayuti Tension – भाजपा के वरिष्ठ नेता और मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने स्पष्ट किया कि महायुति में रहते हुए इस तरह का आचरण बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी दल के नेताओं और मंत्रियों का व्यवहार कैसा होना चाहिए, इसका अंतिम फैसला एकनाथ शिंदे को ही लेना है। भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने भी इस घटनाक्रम पर कड़ा संज्ञान लिया है और सहयोगी दलों के बीच अनुशासन बनाए रखने के लिए शिंदे से उचित कार्रवाई करने की अपेक्षा जताई है।
Mahayuti Tension – पारिवारिक संबंध और सुरक्षा देने का दिया गया था आश्वासन
Mahayuti Tension – विवाद बढ़ने पर संजय शिरसाट ने अपनी स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि दिपके परिवार के साथ उनके पुराने और व्यक्तिगत पारिवारिक संबंध हैं। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान राजनीतिक मोड़ आने से बचाने के लिए वे पहले वहां नहीं गए थे। शिरसाट ने पहले वादा किया था कि दिपके के महाराष्ट्र लौटने पर वे सुरक्षा को लेकर विशेष अनुरोध करेंगे। फिर भी, इस मुलाकात ने गठबंधन के भीतर नए राजनीतिक तनाव को जन्म दे दिया है।
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