Maharashtra FDA Notice To Bollywood Actors – बॉलीवुड के दिग्गज कलाकारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं। महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने ‘विमल इलायची’ के विज्ञापनों के जरिए राज्य में प्रतिबंधित पान मसाला उत्पाद का अप्रत्यक्ष या सरोगेट प्रचार करने के आरोप में तीनों अभिनेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
Maharashtra FDA Notice To Bollywood Actors – FDA ने विमल इलायची के विज्ञापन को माना भ्रामक, प्रचार सामग्री हटाने के निर्देश
महाराष्ट्र FDA के ग्रेटर मुंबई संभाग ने अभिनेताओं को जारी नोटिस में ‘विमल इलायची’ ब्रांड के प्रचार को भ्रामक और खाद्य सुरक्षा व मानक अधिनियम (FSSA), 2006 के प्रावधानों के विपरीत बताया है। प्रशासन का कहना है कि ‘विमल इलायची’ का नाम और दृश्य प्रस्तुति सीधे तौर पर प्रतिबंधित ‘विमल पान मसाला’ ब्रांड से जुड़ती है, जिससे उपभोक्ता भ्रमित होते हैं। नियामक ने तीनों अभिनेताओं को संबंधित विज्ञापन अभियान में अपनी भागीदारी तुरंत रोकने और अपने आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल्स तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया है।
Maharashtra FDA Notice To Bollywood Actors – 15 दिनों के भीतर मांगा लिखित स्पष्टीकरण और अनुबंध के दस्तावेज
प्रशासन ने खाद्य सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंढे के मार्गदर्शन में जारी इस नोटिस में तीनों अभिनेताओं को 15 दिनों के भीतर अपना लिखित स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए हैं। FDA ने कलाकारों से ‘विमल’ के साथ किए गए एंडोर्समेंट कॉन्ट्रैक्ट, कैंपेन ब्रीफ, मानधन का विवरण और विज्ञापन स्वीकार करने से पहले बरती गई सावधानी (Due Diligence) के प्रमाण मांगे हैं। इसके अलावा, अभिनेताओं को यह साबित करने वाले दस्तावेज भी पेश करने होंगे कि विमल इलायची बाजार में बिकने वाला एक स्वतंत्र उत्पाद है या महज पान मसाला का ब्रांड एक्सटेंशन।
Maharashtra FDA Notice To Bollywood Actors – जवाब न देने पर होगी कानूनी कार्रवाई, लग सकता है भारी जुर्माना
FDA ने चेतावनी दी है कि यदि 15 दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिला, तो बिना किसी अग्रिम सूचना के कानूनी कार्रवाई शुरू की जाएगी। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम और खाद्य सुरक्षा कानून के तहत भ्रामक विज्ञापनों का प्रचार करने वाले सेलिब्रिटी पर 10 लाख से लेकर 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके साथ ही, बार-बार उल्लंघन करने की स्थिति में संबंधित एंडोर्सर को एक से तीन साल तक किसी भी उत्पाद के विज्ञापन करने से प्रतिबंधित करने का भी प्रावधान है।
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