महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राज्यवासियों को संबोधित करते हुए एक समृद्ध और सूखामुक्त महाराष्ट्र का विजन सामने रखा। उन्होंने दृढ़ संकल्प व्यक्त किया कि राज्य की आने वाली पीढ़ी को कभी दुष्काल (सूखे) का सामना नहीं करना पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के सपने को साकार करने में महाराष्ट्र देश के ‘ग्रोथ इंजन’ की भूमिका निभा रहा है। विदेशी निवेश, रोजगार सृजन और कृषि सुधारों के मामले में महाराष्ट्र आज देश में अग्रणी स्थान पर बना हुआ है।
नदी जोड़ परियोजनाओं से महाराष्ट्र को हमेशा के लिए सूखामुक्त बनाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र की पिछली और वर्तमान पीढ़ियों ने गंभीर सूखे का दर्द झेला है, लेकिन भविष्य में ऐसा नहीं होगा। मराठवाड़ा, विदर्भ, उत्तर महाराष्ट्र और पश्चिमी महाराष्ट्र के सूखाग्रस्त तालुकों में नदी जोड़ (River Interlinking) परियोजनाओं के माध्यम से जल पहुंचाकर राज्य को हमेशा के लिए दुष्काल मुक्त बनाने की योजना पर तेजी से काम चल रहा है। इसके साथ ही, महाराष्ट्र आज देश की ‘स्टार्टअप राजधानी’ और सबसे ज्यादा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) आकर्षित करने वाला राज्य बन चुका है, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।
संविधान और छत्रपति शिवाजी महाराज की सीख पर आधारित सर्वांगीण विकास
राज्य के विकास मॉडल पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार छत्रपति शिवाजी महाराज की दी हुई सीख और डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर द्वारा निर्मित संविधान के मूल्यों पर चल रही है। महाराष्ट्र देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने महिलाओं को आधिकारिक रूप से ‘किसान’ का दर्जा देने के लिए विशेष कानून बनाया है। चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में महाराष्ट्र की आर्थिक विकास दर (GDP Growth Rate) 8.8 प्रतिशत दर्ज की गई है। सरकार का लक्ष्य है कि राज्य का प्रत्येक जिला अपने आप में एक ‘ग्रोथ इंजन’ बने, जिसमें से 13 जिलों ने अपना निर्धारित लक्ष्य पहले ही हासिल कर लिया है। गडचिरोली, पालघर और नंदुरबार जैसे दूरदराज के इलाकों तक विकास पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है।
56 लाख किसानों को 36 हजार करोड़ की कर्जमाफी और दिन में 100% बिजली देने का वादा
कृषि क्षेत्र और किसान कल्याण का उल्लेख करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होलकर कर्जमाफी योजना’ का जिक्र किया। इस योजना के तहत राज्य के 56 लाख किसानों को कुल 36,000 करोड़ रुपये की कर्जमाफी दी जा रही है। इसके अलावा, किसानों को सिंचाई के लिए दिन के समय निर्बाध बिजली उपलब्ध कराने के वादे पर 76 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि आने वाले एक वर्ष के भीतर राज्य के 100 प्रतिशत किसानों को दिन में बिजली देने का संकल्प पूर्ण कर लिया जाएगा।
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