Devendra Fadnavis Rebuts Raj Thackeray – महाराष्ट्र में मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और ‘मतचोरी’ के मुद्दे पर मनसे प्रमुख राज ठाकरे द्वारा भारतीय चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ निकाले गए मोर्चे और विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को तुरंत रद्द करने की मांग पर उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सिलसिलेवार और तथ्यात्मक पलटवार किया है। राज ठाकरे ने मांग की थी कि महाराष्ट्र में अब तक हुई पूरी एसआईआर प्रक्रिया रद्द की जाए और भविष्य के सभी चुनाव ईवीएम के बजाय बैलेट पेपर पर कराए जाएं। इस पर पलटवार करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने सोशल मीडिया पर विस्तृत बयान जारी कर 9 प्रमुख बिंदु पेश किए और स्पष्ट किया कि मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए एसआईआर प्रक्रिया क्यों अनिवार्य है।
Devendra Fadnavis Rebuts Raj Thackeray – ‘दो ही मांगें- एसआईआर रद्द हो और मतपत्र से हों चुनाव’; राज ठाकरे का मोर्चा और विपक्ष के आरोप
मुंबई में चुनाव आयोग के खिलाफ आयोजित मोर्चे में बोलते हुए राज ठाकरे ने कड़े तेवर दिखाए थे। उन्होंने कहा था कि उनकी सिर्फ दो ही प्रमुख मांगें हैं—पहली यह कि महाराष्ट्र में चुनाव आयोग द्वारा किया गया एसआईआर अभियान पूरी तरह रद्द किया जाए, और दूसरी मांग यह कि भविष्य में सभी चुनाव मतपत्र (Ballot Paper) से कराए जाएं ताकि दूध का दूध और पानी का पानी हो सके। राज ठाकरे और विपक्षी महा विकास आघाड़ी के नेताओं ने आरोप लगाया था कि एसआईआर के बहाने चुनिंदा विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं के नाम जानबूझकर जोड़े और हटाए गए हैं, जिससे आगामी स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है।
Devendra Fadnavis Rebuts Raj Thackeray – 9 बिंदुओं में फडणवीस का जवाब; मृत व्यक्तियों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों को हटाना कानूनी कर्तव्य
राज ठाकरे की मांग का खंडन करते हुए देवेंद्र फडणवीस ने नौ बिंदुओं के माध्यम से एसआईआर के कानूनी और तकनीकी पहलुओं को स्पष्ट किया। फडणवीस ने बताया कि किसी भी जीवंत लोकतंत्र में मतदाता सूची का शुद्धिकरण एक नियमित और अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है। एसआईआर का मुख्य उद्देश्य उन लाखों मृत नागरिकों के नाम हटाना है जो वर्षों से सूची में दर्ज थे, उन मतदाताओं के पते ठीक करना है जो एक शहर से दूसरे शहर स्थानांतरित हो चुके हैं, और एक से अधिक स्थानों पर दर्ज दोहरे (Duplicate) नामों को हटाना है। उन्होंने कहा कि यदि एसआईआर को रद्द कर दिया जाए, तो फर्जी मतदान और अपात्र नामों की समस्या जस की तस बनी रहेगी, जो किसी भी स्वतंत्र चुनाव व्यवस्था के लिए घातक है।
Devendra Fadnavis Rebuts Raj Thackeray – राजनीतिक दलों के बीएलए (BLA) को दिया जाता है मौका; बिना तथ्यों के भ्रम न फैलाने की नसीहत
फडणवीस ने यह भी रेखांकित किया कि चुनाव आयोग मतदाता सूची के प्रारूप (Draft Roll) के प्रकाशन के बाद सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों (BLA) को दावे और आपत्तियां दर्ज कराने का पूरा अवसर देता है। उन्होंने कहा कि नेताओं को केवल राजनीतिक मंचों से आरोप लगाने और जनता में अविश्वास का माहौल बनाने के बजाय अपने कार्यकर्ताओं को सक्रिय कर विसंगतियों की सूची चुनाव आयोग को औपचारिक रूप से सौंपनी चाहिए। उपमुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि संवैधानिक प्रक्रियाओं को जाने-समझे बिना एसआईआर जैसी पारदर्शी व्यवस्था को रद्द करने की मांग करना गैर-जिम्मेदाराना है और राज्य सरकार हर वैध मतदाता के अधिकार की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
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