Astra Missile – भारत की हवाई रक्षा और बियॉन्ड विजुअल रेंज (BVR) युद्धक क्षमता को नई ऊंचाई पर ले जाते हुए रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) स्वदेशी **’अस्त्र’ (Astra)** एयर-टू-एयर मिसाइल परिवार के दायरे में एक क्रांतिकारी और व्यापक विस्तार करने जा रहा है। भारतीय वायुसेना (IAF) को 300 किलोमीटर से अधिक दूरी तक दुश्मन के लड़ाकू विमानों, अवाक्स (AEW&C) और हवा में ईंधन भरने वाले टैंकरों को मार गिराने की क्षमता देने के लिए उन्नत वेरिएंट्स के विकास और उत्पादन को निर्णायक गति दी गई है। जहां 100-110 किमी रेंज वाली ‘अस्त्र एमके-1’ पहले से ही वायुसेना के बेड़े में शामिल है, वहीं 200 से 240 किमी स्ट्राइक रेंज वाली डुअल-पल्स रॉकेट मोटर चालित ‘अस्त्र एमके-2’ और सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) तकनीक से लैस 350 किमी रेंज वाली ‘अस्त्र एमके-3’ पर काम अंतिम चरणों में पहुंच चुका है।|
Astra Missile – डुअल-पल्स मोटर से अस्त्र एमके-2 को मिलेगी 240 किमी की रेंज; नो-एस्केप ज़ोन में होगा भारी इजाफा
रक्षा वैज्ञानिकों के अनुसार, अस्त्र एमके-2 (Astra Mk-2) मिसाइल में सबसे बड़ा तकनीकी अपग्रेड स्वदेशी रूप से विकसित ‘डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर’ है। पारंपरिक सिंगल-पल्स मोटरों की तुलना में डुअल-पल्स मोटर मिसाइल को उड़ान के अंतिम क्षणों (Terminal Phase) में दूसरा थ्रस्ट प्रदान करती है, जिससे लक्ष्य के करीब पहुंचने पर मिसाइल की काइनेटिक एनर्जी और गति अधिकतम बनी रहती है। इससे दुश्मन के लड़ाकू विमानों के लिए अत्यधिक जी-टर्न (High-G Evasive Maneuvers) लेने के बावजूद बच निकलना लगभग नामुमकिन हो जाता है, जिससे मिसाइल का ‘नो-एस्केप ज़ोन’ (No-Escape Zone) दोगुना हो गया है। इसके अलावा मिसाइल में भारत में ही तैयार की गई अत्याधुनिक रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर और ऑप्टिकल प्रॉक्सिमिटी फ्यूज लगाई गई है, जो इलेक्ट्रॉनिक जैमिंग के बीच भी सटीक निशाना साधती है।
Astra Missile – 350 किमी रेंज वाली ‘अस्त्र एमके-3’; रैमजेट तकनीक से लैस होकर बनेगी यूरोपीय ‘मिटियोर’ की टक्कर की मिसाइल
लंबी दूरी के हवाई वर्चस्व के मामले में भारत का सबसे बड़ा रणनीतिक ट्रंप कार्ड ‘अस्त्र एमके-3’ (Astra Mk-3 / SFDR) होने जा रहा है। यह मिसाइल सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट प्रणोदन प्रणाली का उपयोग करती है, जिसमें मिसाइल हवा से ऑक्सीजन लेकर ईंधन जलाती है। इस तकनीक के चलते मिसाइल पूरी उड़ान के दौरान मैक 4.5 से अधिक की सुपरसोनिक गति बनाए रखती है। 300 से 350 किमी की मारक क्षमता के साथ यह मिसाइल फ्रांस की प्रसिद्ध मिटियोर (Meteor), रूस की R-37M और चीन की PL-15 व PL-17 मिसाइलों के समकक्ष या उनसे बेहतर प्रदर्शन करेगी। इसके शामिल होने से भारतीय पायलट नियंत्रण रेखा या वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) को पार किए बिना दुश्मन के हवाई क्षेत्र में सैकड़ों किलोमीटर भीतर तक लक्ष्यों को तबाह कर सकेंगे।
Astra Missile – सुखोई-30एमकेआई और तेजस बेड़े में इंटीग्रेशन, भारत डायनेमिक्स लिमिटेड करेगा बड़े पैमाने पर उत्पादन
डीआरडीओ और वायुसेना के संयुक्त रोडमैप के तहत अस्त्र मिसाइल प्रणाली को फ्रंटलाइन फाइटर जेट सुखोई-30एमकेआई (Su-30MKI), स्वदेशी तेजस एमके-1ए (LCA Tejas) और मिग-29के के बेड़े में बड़े पैमाने पर एकीकृत किया जा रहा है। सार्वजनिक क्षेत्र की उपक्रम भारत डायनेमिक्स लिमिटेड (BDL) को अस्त्र मिसाइलों के सीमित और पूर्ण श्रृंखला उत्पादन (Series Production) का दायित्व सौंपा गया है। इस स्वदेशी उपलब्धि से भारत को विदेशी हथियारों पर निर्भरता घटाने में मदद मिलेगी, जिससे प्रत्येक मिसाइल आयात की तुलना में एक-तिहाई लागत में उपलब्ध होगी। रक्षा मंत्रालय का यह कदम उत्तरी और पश्चिमी दोनों मोर्चों पर भारतीय वायुसेना को सामरिक व तकनीकी बढ़त प्रदान करने वाला साबित होगा।
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