शाहिद अंसारी
मुंबई:जमीन घोटाले के आरोप में खड़से के इस्तीफा दिया खबर आम होते ही उन लोगों में निराशा फैल गई जो कि मंत्री एकनाथ खड़से के कारण विभिन्न जिम्मेदारियों पर थे।और इसका सब से ज़्यादा असर उर्दू अकादमी पर पड़ने वाला है।इस इस्तीफे से महाराष्ट्र उर्दू अकादमी जिम्मेदार अब्दुल रऊफ़ खान परेशान नज़र आ रहे हैं।रऊफ़ खान एकनाथ खड़से के करीबी रहे हैं और इसी वजह से ही उन्हें उर्दू अकादमी का कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया था।खान को जिम्मेदार बनाए जाने के बाद से ही उर्दू अकादमी विवादों में घिरी रही है क्योंकि उन्होंने जब पुरस्कार समारोह आयोजित किया तो उस में, जहां मंत्री की फोटो लगानी थी वहीं अपनी तस्वीर भी पुरस्कार पर लगा दी जिसका जम कर विरोध किया गया।
जलगांव में जब उर्दू अकादमी द्वारा मेला आयोजित हुआ तो महज दो दिनों के अंदर 28 लाख रुपये खर्च कर दिए गए दिलचस्प बात तो यह हुई कि सिर्फ हार माला में 5 लाख रोपए ख़र्च कर दिए।मामला संज्ञान मे आते ही कार्रवाई के नाम पर कमेटी को बरखास्त किया गया लेकिन कार्रवाई का कोई खास नतीजा नहीं निकला।अब जब खड़से की विकेट आउट हो गई तो रऊफ़ खान का परेशान होना लाज़मी है क्योंकि घटाले के 28 लाख का हिसाब होना अभी बाकी है।
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