
मुंबई:महाराष्ट्र के वित्त विभाग को पूरे महाराष्ट्र से अबतक 3114 सुझाव प्राप्त हुए और इन में तकरीबन 30 सरकारी विभाग हैं।यह सुझाव राज्य के वित्त विभाग की हालत कैसे बेहतर बनाई जाए इस लिए मंगाया गया था।इसका एलान 30 सितंबर 2015 को राज्य के वित्त मंत्री सुधीर मुंगटिवार ने किया था।बेहतर सुझाव देने वालों को लाखों रूपए के इनाम की राशि देने की घोषणा भी की गई थी।लेकिन इनाम तो दूर की बात राज्य के इस विभाग के अधिकारियों ने इन 3114 सुझोवों पर ध्यान तक नहीं दिया।हालांकि मुंगटिवार ने जब घोषणा की थी तो उसके बाद ही इस विभाग में विभाग के सचिव की अध्यक्षता में एक टीम का गठन किया गया था जो कि इन सुझावों पर नज़र डालते हुए बेहतर सुझावों की फहरिस्त तय्यार कर उन्हें इनाम की राशि देते लेकिन किसी भी सुझाव पर अब तक नज़र नहीं डाली गई और वह सारे सुझाव वित्त विभाग मे पड़े धूल चाट रहे।
मुंगटिवार की घोषणा के बाद से ही राज्य की जनता और राज्य के सरकारी विभाग ने वित्त विभाग को कैसे बेहतर बनाया जाए इस बात को लेकर अपने अपने सुझाव देने शूरू किए।लेकिन आज तक इस विभाग ने ना तो उन सुझावों पर गौर किया गया और ना ही किसी को इनाम दिया।ऐसे में यह सोचने वाली बात है कि राज्य के अब तक 3114 सुझाव जो प्राप्त हुए क्या वह किसी काम के ही नही है या मुंगटिवार ने जो घोषणा की थी वह मात्र दिखावा था।क्योंकि जिस टीम को बेहतर सुझाव का चयन करने के लिए नियुक्त किया गया था उस टीम के तत्तकालीन अधिकारी विजय कुमार का उस जगह से तबादला हो गया।
उनके बाद इस जगह पर नियुक्त किए गए वित्त विभाग के नए वरिष्ठ अधिकारी गिरिराज ने कहा कि हम अब इस मामले में देख रेख कर रहे हैं कि आखिर 3114 सुझावों में से कौन से बेहतर सुझाव हैं जिसके बाद ही इनाम की राशि देने का फैसला किया जाएगा।अब ऐसे में सोचने वाली बात यह है कि आखिर 8 महीनों तक वित्त विभाग के सर पर जूं क्यों नहीं रेंगी।हालांकि लोगों ने तो इसी उम्मीद से अपने अपने सुझाव दिए थे कि उनके बेहतर सुझावों का चयन कर उन्हें घोषणा की गई इनाम की राशि दी जाएगी।
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