Raj Thackeray Gandhi Jayanti – राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती (2 अक्टूबर 2026) के अवसर पर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने केंद्र की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी और मोदी सरकार पर तीखा वैचारिक व राजनीतिक हमला बोला है। सोशल मीडिया पर एक विस्तृत और आक्रामक पोस्ट साझा करते हुए राज ठाकरे ने कहा कि मौजूदा सत्ताधारियों के दौर में महात्मा गांधी के विचारों और उनके संघर्ष की याद सबसे ज्यादा प्रखरता से आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास कानून की शक्ति, जांच एजेंसियां और सत्ता की पाशविक ताकत होती है, लेकिन महात्मा गांधी ने देश की जनता को इसी निरंकुश सत्ता की आंखों में आंखें डालकर सवाल पूछने और ‘ना’ (No) कहने का असीम सामर्थ्य दिया था।
Raj Thackeray Gandhi Jayanti – सवाल पूछते ही देशद्रोही करार देने में जुट जाती हैं ट्रोलर्स की टोलियां: राज ठाकरे
राज ठाकरे ने सत्ता प्रतिष्ठान पर तंज कसते हुए कहा कि आज के हुक्मरानों को महापुरुष केवल जयंती और पुण्यतिथि पर हार चढ़ाने और फोटो खिंचवाने तक ही सीमित चाहिए होते हैं। उन्होंने लिखा कि मौजूदा सत्ताधारियों को सवाल पूछने वाले लोग बिल्कुल पसंद नहीं हैं। जैसे ही कोई नागरिक या विपक्ष नीतियों पर सवाल उठाता है, तो सत्ताधारी और उनकी समर्थित सोशल मीडिया टोलियां (Paid Trolls) उस व्यक्ति को ‘देशद्रोही’ साबित करने के लिए बेचैन हो उठती हैं। उन्होंने कहा कि सत्ता का अहंकार इस कदर बढ़ चुका है कि असहमति की हर लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
Raj Thackeray Gandhi Jayanti – ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ के दुष्प्रचार पर बरसे, गांधी की विरासत को मिटाने की साजिश का आरोप
मनसे प्रमुख ने सोशल मीडिया पर चलाए जा रहे फर्जी इतिहास और दुष्प्रचार अभियान यानी ‘व्हाट्सएप यूनिवर्सिटी’ (WhatsApp University) पर भी करारा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में सुनियोजित तरीके से गांधीजी के चरित्र हनन और उनके योगदान को कमतर आंकने के लिए व्हाट्सएप संदेशों के जरिए झूठा इतिहास गढ़ा गया। ठाकरे ने कहा कि गांधीजी के कई फैसलों या विचारों से मतभेद हो सकते हैं, लेकिन देश के स्वतंत्रता संग्राम में उनके जन-आंदोलनों और सत्य-अहिंसा के हथियार की ताकत को नकारा नहीं जा सकता। सत्ता के खिलाफ निडर होकर खड़े रहने का जो पाठ बापू ने पढ़ाया, वही आज लोकतंत्र की सबसे बड़ी जरूरत है।
Raj Thackeray Gandhi Jayanti – चुनाव आयोग के खिलाफ 4 अक्टूबर के मोर्चे से पहले राज ठाकरे का बड़ा राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि गांधी जयंती के बहाने राज ठाकरे का यह कड़ा रुख आगामी 4 अक्टूबर को मुंबई में चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के खिलाफ प्रस्तावित विशाल ‘महामोर्चा’ की पृष्ठभूमि तैयार कर रहा है। उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे वर्षों बाद एक साथ आकर तिरंगे के नीचे सड़कों पर उतरने की घोषणा कर चुके हैं। ऐसे समय में राज ठाकरे द्वारा सीधे मोदी सरकार और सत्ता के दमनकारी तंत्र पर सवाल उठाना यह संकेत देता है कि आने वाले दिनों में महाराष्ट्र की राजनीति में केंद्र और राज्य के सत्ताधारियों के खिलाफ उनका तेवर और अधिक आक्रामक होने वाला ह
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