Indian Women Hockey China Mental Block Broken – महिला हॉकी विश्व कप में पांचवें स्थान के ऐतिहासिक सफर और शीर्ष टीमों के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन के बाद भारतीय महिला हॉकी टीम का मनोबल सातवें आसमान पर है। इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि एशियाई खेलों में भारत की सबसे कड़ी प्रतिद्वंद्वी और पेरिस ओलंपिक की रजत पदक विजेता चीन के खिलाफ ग्रुप चरण में खेला गया 2-2 का रोमांचक ड्रॉ रहा। पिछले तीन वर्षों से महाद्वीपीय स्तर पर चीन के खिलाफ लगातार मिल रही पराजयों के सिलसिले को तोड़ते हुए भारतीय टीम ने उस मानसिक दबाव (Mental Block) को खत्म कर दिया है, जो 2026 एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने और 2028 लॉस एंजिल्स ओलंपिक का सीधा कोटा हासिल करने की राह में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ था।
Indian Women Hockey China Mental Block Broken – हांगझोउ में 0-4 की करारी हार का साया हुआ दूर, सविता पूनिया बोलीं- ‘चीन को अब करना होगा होमवर्क’
सीनियर गोलकीपर सविता पूनिया ने स्पष्ट किया कि विश्व कप में चीन के खिलाफ ड्रॉ हासिल करना मनोवैज्ञानिक रूप से बेहद अहम था, क्योंकि युवा खिलाड़ियों के जेहन में 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में चीन से मिली 0-4 की शिकस्त की कड़वी यादें ताजा थीं। 2023 और 2024 प्रो लीग तथा 2025 विमेंस एशिया कप के फाइनल में मिली हार के बाद भारतीय टीम रक्षात्मक मानसिकता में घिर गई थी। लेकिन इस बार नवनीत कौर के शुरुआती मैदानी गोल और आक्रामक रणनीति ने ऑस्ट्रेलियाई कोच एलिसन अन्नान की प्रशिक्षित चीनी टीम की रणनीतिक जकड़न को तोड़ दिया। सविता के अनुसार, इस प्रदर्शन ने चीन को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि वे अतीत के रिकॉर्ड पर निर्भर नहीं रह सकते और उन्हें भारत के खिलाफ नए सिरे से होमवर्क करना होगा।
Indian Women Hockey China Mental Block Broken – मुख्य कोच शोर्ड मारिन की वापसी से बदली ऊर्जा, एकता और आक्रामक सोच बनी ताकत
भारतीय दल की इस कायापलट का बड़ा श्रेय डच कोच शोर्ड मारिन की मुख्य कोच के रूप में वापसी को जाता है, जिनके मार्गदर्शन में भारत ने टोक्यो ओलंपिक में ऐतिहासिक चौथा स्थान हासिल किया था। पिछले कार्यकाल के दौरान ड्रेसिंग रूम में आई दूरियों को मिटाते हुए मारिन ने खिलाड़ियों में नई ऊर्जा भरी और ‘यूनिटी बैंड’ की अवधारणा पेश की। भारत केवल डिफेंस पर निर्भर रहने के बजाय मैदान के हर हिस्से से मौके बनाने में सफल रहा। नवनीत कौर, दीपिका सोरेंग, निक्की प्रधान और बलजीत कौर के शानदार ऑन-फील्ड तालमेल ने साबित किया कि टीम अब किसी भी विश्व स्तरीय चुनौती से टकराने के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह परिपक्व हो चुकी है।
Indian Women Hockey China Mental Block Broken – ‘ड्रॉ से अति-उत्साहित न हों’, मारिन ने पेनल्टी कॉर्नर फिनिशिंग सुधारने पर दिया जोर
विश्व कप के 5वें-6ठे स्थान के प्लेऑफ में जर्मनी को हराने के बाद भले ही टीम में सकारात्मक माहौल हो, लेकिन कोच मारिन ने खिलाड़ियों को अति-उत्साह से बचने की सलाह दी है। मारिन ने कहा कि चीन के खिलाफ यह सिर्फ एक ड्रॉ था, जीत नहीं। आगामी आईची-नागोया एशियाई खेलों में जाने से पहले टीम को पेनल्टी कॉर्नर रूपांतरण और ओपन-प्ले में गोल फिनिशिंग की कमजोरियों को दूर करना होगा। टूर्नामेंट में शीर्ष स्कोरर रहीं नवनीत कौर का भी मानना है कि ड्रॉ हार से कहीं बेहतर शुरुआत है और टीम एशियाई खेलों के पोडियम पर शीर्ष स्थान हासिल कर सीधे ओलंपिक के लिए क्वालिफाई करने के लक्ष्य पर अडिग है।
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