Mumbai BKC Security Breach PMO ID Arrest – मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित लक्जरी शॉपिंग मॉल ‘जियो वर्ल्ड प्लाजा’ में प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) का कथित फर्जी पहचान पत्र दिखाकर और हथियारबंद बॉडीगार्ड के साथ जबरन प्रवेश करने के आरोप में मुंबई क्राइम ब्रांच और बीकेसी पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 24 वर्षीय रोहन प्रेमल पारेख और उसके 49 वर्षीय निजी सुरक्षा गार्ड दिलीप राजाराम कुंडे के रूप में हुई है। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह घटना सोमवार शाम की है और इसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुंबई कार्यक्रम से कोई सीधा संबंध नहीं है।
Mumbai BKC Security Breach PMO ID Arrest – मेटल डिटेक्टर जांच में हथियार मिलने पर खुली पोल, फोन पर दिखाया ‘ग्रेड-सी पीएमओ’ आईडी
पुलिस के अनुसार, रोहन पारेख मॉल के अंदर पहले ही प्रवेश कर चुका था, जबकि उसका बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे कुछ देर बाद मुख्य द्वार पर पहुंचा। डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) से गुजरते समय मॉल के सुरक्षाकर्मियों ने कुंडे के पास एक आग्नेयास्त्र (पिस्तौल) पाया और उसे रोक लिया। इसके बाद कुंडे ने रोहन को फोन किया, जो वापस गेट पर आया और उसने निजी सुरक्षा गार्डों पर रौब झाड़ते हुए अपने मोबाइल फोन में ‘ग्रेड-सी पीएमओ अधिकारी’ का डिजिटल पहचान पत्र दिखाया। सुरक्षाकर्मियों को आईडी कार्ड में वैधता की तारीख (Validity Date) और जारीकर्ता का पदनाम न होने पर गहरा संदेह हुआ, जिसके बाद तत्काल स्थानीय पुलिस को सतर्क किया गया।
Mumbai BKC Security Breach PMO ID Arrest – नासिक ग्रामीण का था शस्त्र लाइसेंस, मुंबई में हथियार ले जाने की नहीं थी अनुमति
पुलिस जांच में पता चला कि बॉडीगार्ड दिलीप कुंडे के पास जो हथियार था, उसका शस्त्र लाइसेंस तो था, लेकिन वह केवल नासिक ग्रामीण जिले के अधिकार क्षेत्र के लिए ही वैध था। मुंबई पुलिस कमिश्नरेट क्षेत्र में बिना पूर्व अनुमति या वैध प्राधिकार के हथियार लेकर घूमना कानूनन अपराध है। बीकेसी पुलिस ने मॉल प्रबंधन की औपचारिक शिकायत के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं—सरकारी कर्मचारी का झूठा रूप धारण करना (धारा 204), फर्जी दस्तावेज का उपयोग और घातक हथियार के साथ अनधिकृत प्रवेश—के तहत एफआईआर दर्ज की और दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। इस मामले में प्रथमेश बागुल नामक एक तीसरे आरोपी की भी तलाश जारी है।
Mumbai BKC Security Breach PMO ID Arrest – बचाव पक्ष का दावा: ‘आरोपी खुद हुआ बड़े फर्जीवाड़े का शिकार’, लंदन से लौटा है छात्र
अदालत में पेशी के दौरान आरोपी रोहन पारेख के वकीलों ने दावा किया कि उनका मुवक्किल लंदन से पढ़कर लौटा है और वह खुद एक सुनियोजित ऑनलाइन ठगी का शिकार हुआ है। बचाव पक्ष के अनुसार, ‘तरुण कपूर’ और ‘महक गुप्ता’ नामक व्यक्तियों ने उसे रक्षा अधिग्रहण नीति से जुड़े सलाहकार पद का फर्जी नियुक्ति पत्र, पीएम मोदी के फर्जी हस्ताक्षर वाला पत्र और पीएमओ का आईडी कार्ड व्हाट्सएप व ईमेल पर भेजा था। उसी निर्देश के तहत उसे सुरक्षा गार्ड रखने को कहा गया था। वह मॉल में केवल व्यक्तिगत खरीदारी और परफ्यूम लेने गया था। हालांकि, मुंबई क्राइम ब्रांच अब इस बात की गहन जांच कर रही है कि यह सिर्फ बहाना है या वास्तव में इसके पीछे कोई संगठित सिंडिकेट काम कर रहा है।
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