Heartbreak For Tilak Varma Out On 99 – चेन्नई के एम.ए. चिदंबरम (चेपॉक) स्टेडियम में खेले जा रहे दलीप ट्रॉफी 2026-27 के फाइनल मुकाबले के तीसरे दिन साउथ जोन के कप्तान तिलक वर्मा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण अंदाज में अपने शतक से चूक गए। ईस्ट जोन के 708 रनों के विशाल स्कोर के जवाब में जब साउथ जोन की पूरी बल्लेबाजी लड़खड़ा गई, तब बाएं हाथ के बल्लेबाज तिलक वर्मा 211 गेंदों में 9 चौकों की मदद से 99 रन बनाकर अकेले संघर्ष कर रहे थे। अपने शतक से महज एक रन दूर खड़े तिलक ने ऑफ स्पिनर मोहम्मद कुरैशी की गेंद पर शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद सीधे गेंदबाज के हाथों में चली गई और वे कॉट एंड बोल्ड आउट हो गए। उनके आउट होते ही साउथ जोन की पहली पारी 336 रनों पर ढेर हो गई।
Heartbreak For Tilak Varma Out On 99 – शतक से 1 रन की दूरी पर आउट, पवेलियन लौटते समय ईशान किशन और शमी ने दी सांत्वना
99 रन पर अंतिम विकेट के रूप में आउट होने के बाद तिलक वर्मा बेहद निराश और स्तब्ध नजर आए। हालांकि, जब वे सिर झुकाए भारी कदमों से ड्रेसिंग रूम की ओर लौट रहे थे, तब खेल भावना का अद्भुत नजारा देखने को मिला। विपक्षी टीम ईस्ट जोन के कप्तान ईशान किशन और तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने आगे आकर तिलक वर्मा की पीठ थपथपाई और उनके जुझारू संघर्ष की सराहना की। पूरे स्टेडियम ने खड़े होकर तालियों के साथ साउथ जोन के कप्तान का अभिवादन किया, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में धैर्य और तकनीक का शानदार परिचय दिया।
Heartbreak For Tilak Varma Out On 99 – साउथ जोन के लिए बने ‘अकेले योद्धा’, टॉप ऑर्डर के पतन के बीच संभाला मोर्चा
मैच में ईस्ट जोन के पहाड़ जैसे स्कोर के दबाव में साउथ जोन के शीर्ष क्रम के बल्लेबाज नियमित अंतराल पर पवेलियन लौटते रहे। एक समय टीम ने 200 के भीतर अपने मुख्य विकेट गंवा दिए थे। ऐसे कठिन समय में नंबर चार पर बल्लेबाजी करने उतरे तिलक वर्मा ने एक छोर मजबूती से थामे रखा और निचले क्रम के बल्लेबाजों के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कर टीम को 300 के पार पहुंचाया। 211 गेंदों तक चली इस मैराथन पारी में उन्होंने बेहद अनुशासित बल्लेबाजी की और खराब गेंदों को ही सीमा रेखा के पार भेजा। यदि वे यह 1 रन पूरा कर लेते तो यह उनके फर्स्ट-क्लास करियर का नौवां शतक होता।
Heartbreak For Tilak Varma Out On 99 – ईस्ट जोन को मिली 372 रनों की भारी बढ़त, 14 साल बाद खिताब जीतने के करीब
साउथ जोन को 336 रनों पर समेटने के बाद ईस्ट जोन ने पहली पारी के आधार पर 372 रनों की विशाल बढ़त हासिल कर ली। ईस्ट जोन ने साउथ जोन को फॉलोऑन न देते हुए अपनी दूसरी पारी में बल्लेबाजी शुरू की और मैच पर अपनी पकड़ पूरी तरह मजबूत कर ली है। फाइनल मुकाबले में अब सिर्फ एक दिन का खेल शेष है, जिससे ईस्ट जोन का 14 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद दलीप ट्रॉफी खिताब जीतने का सपना लगभग साकार होता नजर आ रहा है। वहीं, तिलक वर्मा का यह साहसिक अर्धशतक राष्ट्रीय टेस्ट टीम में चयन के दावेदारों के रूप में उनकी साख को और मजबूत कर गया है।
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