
बुलढाणा। महाराष्ट्र के बुलढाणा जिले के आदिवासी बहुल चारबन गांव में एक बेहद दुर्लभ और आश्चर्यजनक मामला सामने आया है। जळगाव जामोद तहसील के इस गांव में 27 वर्षीय महिला रियानी, पत्नी पंशीराम सस्त्या, ने घर पर ही बिना किसी डॉक्टर या आधुनिक चिकित्सा सुविधा के एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया। नवजातों में तीन लड़के और एक लड़की शामिल हैं।
जानकारी के अनुसार, प्रसव के बाद परिजनों ने तुरंत मां और चारों नवजातों को जळगाव जामोद के ग्रामीण अस्पताल पहुंचाया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि मां और सभी बच्चे सुरक्षित हैं। हालांकि, चार बच्चों का एक साथ जन्म अत्यंत दुर्लभ होने के कारण सभी नवजात समय से पहले (प्री-मैच्योर) पैदा हुए हैं।
डॉक्टरों के मुताबिक चारों बच्चों का वजन 900 ग्राम से 1 किलोग्राम के बीच है। कम वजन और विशेष चिकित्सकीय देखभाल की आवश्यकता को देखते हुए मां और सभी नवजातों को बेहतर इलाज के लिए खामगांव के सामान्य अस्पताल रेफर कर दिया गया है। वहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है।
चिकित्सकों का कहना है कि एक साथ चार बच्चों का जन्म लाखों-करोड़ों प्रसवों में कभी-कभार देखने को मिलता है। ऐसे मामलों में गर्भावस्था और प्रसव दोनों ही अत्यंत जोखिमपूर्ण होते हैं। ऐसे में बिना किसी चिकित्सा सुविधा के घर पर सुरक्षित प्रसव होना अपने आप में बेहद असाधारण घटना मानी जा रही है।फिलहाल मां और चारों नवजातों की हालत स्थिर बताई जा रही है। यह घटना पूरे बुलढाणा जिले के साथ-साथ महाराष्ट्र में भी चर्चा का विषय बनी हुई है।
Post View : 50276






























