Tejas Mk1A Delivery Timeline Review Meeting – भारतीय वायुसेना (IAF) की लड़ाकू स्क्वाड्रन क्षमता को मजबूत करने के लिए प्रतीक्षित स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान तेजस एमके-1ए (Tejas Mk-1A) के इंडक्शन को लेकर महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। रक्षा मंत्रालय के शीर्ष अधिकारियों के अनुसार, 15 अक्टूबर 2026 के बाद भारतीय वायुसेना और सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज एयरोस्पेस निर्माता हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) के बीच एक उच्च-स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विमान के उत्तम/एईएसए रडार और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट के एकीकरण की अंतिम स्थिति का मूल्यांकन करना और पहले बैच के लड़ाकू विमानों की डिलीवरी व इंडक्शन टाइमलाइन को अंतिम रूप देना है। परियोजना से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि विमान का 90 से 95 प्रतिशत काम पूरी तरह समाप्त हो चुका है और पहले लड़ाकू विमानों की हैंडओवर प्रक्रिया अब बेहद करीब पहुंच चुकी है।
Tejas Mk1A Delivery Timeline Review Meeting – रडार एकीकरण की दो-तीन मामूली खामियों पर काम जारी, हथियार प्रणालियों का ट्रायल सफल
रक्षा प्रतिष्ठान से जुड़े वरिष्ठ सूत्रों के मुताबिक, तेजस एमके-1ए के शुरुआती सॉफ्टवेयर इंटीग्रेशन और हथियारों (जैसे अस्त्र बियॉन्ड विजुअल रेंज मिसाइल और स्मार्ट एंटी-एयरफील्ड वेपन) के परीक्षण सफलतापूर्वक पूरे कर लिए गए हैं। वर्तमान में उत्तम एईएसए रडार के सिग्नल प्रोसेसिंग और कॉकपिट डिस्प्ले इंटीग्रेशन से जुड़ी महज 2 से 3 मामूली तकनीकी गड़बड़ियों (Minor Glitches) को ठीक किया जा रहा है। अक्टूबर के मध्य में होने वाली समीक्षा के दौरान वायुसेना के तकनीकी विशेषज्ञ इन सभी प्रणालियों की क्लोजर रिपोर्ट की समीक्षा करेंगे। अधिकारियों ने विश्वास जताया है कि शेष तकनीकी औपचारिकताएं इसी महीने पूरी कर ली जाएंगी, जिससे वायुसेना को विमान सौंपने का आधिकारिक मार्ग प्रशस्त होगा।
Tejas Mk1A Delivery Timeline Review Meeting – अमेरिकी कंपनी जीई से एफ404 इंजनों की धीमी आपूर्ति बनी थी सबसे बड़ा रोड़ा
तेजस एमके-1ए की डिलीवरी में हुए विलंब का सबसे बड़ा कारण अमेरिकी इंजन निर्माता जनरल इलेक्ट्रिक (GE Aerospace) द्वारा F404-IN20 इंजनों की आपूर्ति में देरी रहा है। आपूर्ति श्रृंखला और कलपुर्जों की कमी के कारण जीई ने अपने निर्धारित शेड्यूल से काफी पीछे डिलीवरी की। हालांकि, हाल ही में जीई द्वारा अतिरिक्त इंजनों की खेप भारत भेजे जाने के बाद असेंबली लाइन को नई गति मिली है। एचएएल ने अमेरिकी कंपनी पर आपूर्ति में देरी के लिए लिक्विडेटेड डैमेज (जुर्माना) भी लगाया है। एचएएल का लक्ष्य चालू वित्तीय वर्ष के अंत (मार्च 2027) तक वायुसेना को 16 से 18 विमानों का पहला पूरा स्क्वाड्रन सौंपना है।
Tejas Mk1A Delivery Timeline Review Meeting – कुल 180 विमानों का ऑर्डर; घटती स्क्वाड्रन क्षमता को उबारने में निभाएगा रीढ़ की भूमिका
हाल ही में वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने देश की लड़ाकू स्क्वाड्रन संख्या में आ रही गिरावट और पुराने मिग विमानों के रिटायरमेंट पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए नए विमानों के त्वरित इंडक्शन की आवश्यकता पर बल दिया था। केंद्र सरकार ने 2021 में 83 तेजस एमके-1ए विमानों के लिए 48,000 करोड़ रुपये का सौदा किया था, जिसके बाद 97 अतिरिक्त विमानों के लिए 62,370 करोड़ रुपये का फॉलो-ऑन टेंडर भी आगे बढ़ाया गया। कुल 180 तेजस एमके-1ए विमानों के शामिल होने से भारतीय वायुसेना की पश्चिमी और उत्तरी सीमाओं पर अग्रिम तैनाती क्षमता को ऐतिहासिक मजबूती मिलेगी।
Post View : 45681






























