Shehbaz Sharif Warns Any Indus Diversion Act Of War UNGA – न्यूयॉर्क में आयोजित संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र के दौरान पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को लेकर बेहद आक्रामक और भड़काऊ रुख अख्तियार किया है। वैश्विक मंच से अपने संबोधन में शरीफ ने खुली चेतावनी देते हुए कहा कि सिंधु नदी प्रणाली से पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, बाधित करने या उसकी दिशा मोड़ने के किसी भी भारतीय प्रयास को इस्लामाबाद ‘युद्ध की कार्रवाई’ (Act of War) के रूप में मानेगा। उन्होंने भारत द्वारा 1960 के ऐतिहासिक सिंधु जल समझौते (Indus Waters Treaty) को स्थगित (Abeyance) रखने के एकतरफा निर्णय को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताते हुए इसे पूरी तरह निराधार करार दिया। दोनों परमाणु संपन्न पड़ोसियों के बीच लंबे समय से जारी जल विवाद में यह हाल के वर्षों का सबसे तीखा बयान माना जा रहा है।
Shehbaz Sharif Warns Any Indus Diversion Act Of War UNGA – ‘पानी को हथियार न बनाया जाए’ शरीफ ने सिंधु बेसिन को बताया पाकिस्तान की जीवन रेखा
अपने संबोधन में शहबाज शरीफ ने कहा कि सिंधु नदी प्रणाली का साझा जल केवल पाकिस्तान के करोड़ों लोगों की ही नहीं, बल्कि पूरे दक्षिण एशियाई क्षेत्र की जीवन रेखा (Lifeblood) है। उन्होंने दावा किया कि कृषि, ऊर्जा और आजीविका इसी जल नेटवर्क पर टिकी हुई है, इसलिए “पानी को कभी भी युद्ध का हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए, क्योंकि नदियां राष्ट्रों को पोषित करने के लिए हैं, उन्हें बांटने के लिए नहीं”। शरीफ ने आगे कहा कि भारत को पाकिस्तान के जल अधिकारों की रक्षा करने के उसके राष्ट्रीय संकल्प को कमतर आंकने की गलती नहीं करनी चाहिए।
Shehbaz Sharif Warns Any Indus Diversion Act Of War UNGA – हेग स्थित मध्यस्थता अदालत (PCA) के फैसले का हवाला, संधि को बताया पूर्ण रूप से प्रभावी
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर दावा किया कि भारत के दावों और कदमों को संयुक्त राष्ट्र विशेषज्ञों और हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत (Permanent Court of Arbitration – PCA) ने खारिज कर दिया है। उन्होंने 31 अगस्त 2026 के मध्यस्थता अदालत के उस कथित फैसले का उल्लेख किया जिसमें संधि के निलंबन को अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत अस्वीकार्य माना गया था। शरीफ ने जोर देकर कहा कि 1960 की यह संधि आज भी कानूनी रूप से बाध्यकारी और पूरी तरह से लागू है, तथा भारत रतले और किशनगंगा जैसी जलविद्युत परियोजनाओं के निर्माण में अपने दायित्वों से पीछे नहीं हट सकता।
Shehbaz Sharif Warns Any Indus Diversion Act Of War UNGA – आतंकवाद और जल संधियों पर भारत का अडिग रुख, कूटनीतिक गलियारों में तीखी प्रतिक्रिया के आसार
उल्लेखनीय है कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत सरकार ने सीमा पार आतंकवाद को पाकिस्तान के निरंतर समर्थन के विरोध में सिंधु जल समझौते को स्थगित करने का कड़ा फैसला लिया था। भारत का स्पष्ट और दृढ़ रुख रहा है कि “रक्त और पानी एक साथ नहीं बह सकते” और जब तक सीमा पार से प्रायोजित आतंकवाद बंद नहीं होता, तब तक सामान्य व्यवस्था बहाल नहीं हो सकती। यूएनजीए में शहबाज शरीफ द्वारा जल विवाद को राष्ट्रीय सुरक्षा के उच्चतम स्तर और युद्ध की धमकी से जोड़ने के बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव और अधिक गहराने के आसार बन गए हैं।
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