Saudi Arabia Air Defense Shortage Houthi Attacks – यमन के हूती विद्रोहियों और ईरान समर्थित गुटों के ताबड़तोड़ मिसाइल व ड्रोन हमलों के बीच सऊदी अरब गंभीर वायु रक्षा संकट (Air Defense Shortage) का सामना कर रहा है. इंटरसेप्टर मिसाइलों के तेजी से घटते स्टॉक के चलते रियाद ने अपने क्षेत्रीय और पश्चिमी सहयोगियों से तत्काल एयर डिफेंस सहायता तैनात करने की गुहार लगाई है. दो क्षेत्रीय अधिकारियों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, सऊदी अरब ने ब्रिटेन, फ्रांस, पाकिस्तान और मिस्र से संपर्क कर अपनी वायु सीमा और रणनीतिक ठिकानों की सुरक्षा के लिए एयर डिफेंस सिस्टम व सैन्य संसाधन भेजने का अनुरोध किया है. यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब सऊदी अरब के मुख्य सैन्य आपूर्तिकर्ता अमेरिका के पास भी क्षेत्रीय संघर्ष के चलते मिसाइल इंटरसेप्टर का भंडार कम हो गया है.
Saudi Arabia Air Defense Shortage Houthi Attacks – मक्का की ओर बढ़ते ड्रोन को मार गिराने का दावा, सऊदी ने ‘रेड लाइन’ घोषित की सुरक्षा
हालिया तनाव उस समय खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया जब सऊदी सुरक्षा बलों ने इस्लाम के सबसे पवित्र शहर मक्का की दिशा में आ रहे एक हूती ड्रोन को सीमा के पास मार गिराने का दावा किया. सऊदी अरब के सैन्य प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मल्की ने दो टूक शब्दों में कहा कि पवित्र शहर मक्का की सुरक्षा देश के लिए एक ‘रेड लाइन’ है और किसी भी आक्रामक या आतंकी कार्रवाई का मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाने के आरोपों से साफ इनकार किया है, लेकिन उन्होंने सऊदी क्षेत्र, सैन्य ठिकानों और लाल सागर के नौवहन मार्गों पर मिसाइल व ड्रोन हमलों का दायरा बढ़ा दिया है.
Saudi Arabia Air Defense Shortage Houthi Attacks – तेल पाइपलाइनों और महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों पर खतरा, $100 के पार पहुंचे कच्चे तेल के दाम
दुनिया के सबसे बड़े तेल निर्यातक सऊदी अरब के लिए यह संकट इसलिए भी गहरा गया है क्योंकि उसे न केवल अपने सैन्य अड्डों, बल्कि विशाल तेल बुनियादी ढांचे को भी सुरक्षित रखना है। हाल ही में हुए हमलों में सऊदी अरब की महत्वपूर्ण ‘ईस्ट-वेस्ट पाइपलाइन’ को निशाना बनाया गया था, जिससे आपूर्ति प्रभावित हुई। वहीं, बाब अल-मंदेब और होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमलों के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। ऐसी जटिल परिस्थितियों में ऊर्जा ठिकानों की सुरक्षा के लिए मजबूत एयर डिफेंस शील्ड की मौजूदगी सऊदी अरब के लिए रणनीतिक प्राथमिकता बन गई है।
Saudi Arabia Air Defense Shortage Houthi Attacks – पाकिस्तान और नाटो सहयोगी तुर्की के रक्षा समझौते की परीक्षा, कूटनीतिक हल की भी तलाश
हूती हमलों में आई इस तेजी को सऊदी अरब, तुर्की और परमाणु शक्ति संपन्न पाकिस्तान के बीच हुए नए रक्षा समझौते की पहली वास्तविक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सऊदी अरब के साथ ‘कंधे से कंधा मिलाकर’ खड़े रहने का संकल्प दोहराया है, लेकिन इस्लामाबाद ईरान के साथ सीधे सैन्य टकराव से बचते हुए बेहद सतर्कता से आगे बढ़ रहा है। दूसरी ओर, ब्रिटेन ने सऊदी अरब के साथ अपनी करीबी रक्षा साझेदारी की पुष्टि तो की है, लेकिन सीधे सैन्य तैनाती पर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है। इन सुरक्षा चुनौतियों के बीच ओमान और मिस्र के नेतृत्व में तनाव घटाने और संकट के कूटनीतिक समाधान के लिए भी पर्दे के पीछे बातचीत जारी है।
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