
बॉम्बे लीक्स ,राजस्थान
राजस्थान में सीएम दावे को लेकर फिलहाल कांग्रेस के दोनों गुटों ने चुप्पी साध रखी है।इससे पहले सचिन पायलट और गहलोत के बीच सीएम की कुर्सी के लिए रार देखी जा रही थी।अब कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने दावा किया है कि राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री कौन होगा, ये सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे तय करेंगे। गहलोत या पायलट गुट इसे तय नहीं करेंगे।इतना ही नहीं पायलट ने कहा कि किसी भी तरह की गुटबाजी से कांग्रेस को नुकसान होगा।
गौरतलब है कि राजस्थान में अशोक गहलोत और सचिन पायलट के बीच जारी जंग को राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के हस्तछेप के चलते शांत कराया दिया गया है।दोनों नेताओं को आपसी गुटबाजी खत्म कर चुनाव में जुटने को कहा गया हेमिस बीच सीएम फेस भी तय नही किया गया है।जिसके बाद अब जब सचिन पायलट से सीएम फेस और कांग्रेस की वापसी के बाद राज्य का मुख्यमंत्री कौन होगा , इस सवाल के जवाब में सचिन पायलट ने कहा कि सरकार रिपीट होने की स्थिति में विधायक दल मुख्यमंत्री तय करेगा।इसके अलावा सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे गुट तय करेगा कि कौन सीएम होगा। उन्होंने कहा, गहलोत और पायलट गुट मुख्यमंत्री तय नहीं करेंगे।कार्यकर्ताओं और समर्थकों को समझना होगा कि हमारी पहली प्राथमिकता कांग्रेस की सरकार लाया है।गुटबाजी से कांग्रेस को नुकसान होगा।हमें आगे बढ़ने के लिए इन्हें दरकिनार करने की जरूरत है।कहा कि हमारी सरकार ने अपने कार्यकाल में अच्छा काम किया है। प्रदेश की जनता भाजपा और कांग्रेस की सरकार के कार्यकाल में किए गए कामों की तुलना कर रही है। उन्हें पता है कि कांग्रेस लोगों के कल्याण के लिए कई योजनाएं चलाईं हैं। इसका उन्हें फायदा भी मिला है। बता दें कि पायलट अजमेर में पत्रकारों से बात कर रहे थे।कहा कि यह तेरा-मेरा करने का समय नहीं है। पूरी कांग्रेस पार्टी एक है और हम सभी एक साथ हैं। पार्टी का हर कार्यकर्ता मिलकर काम कर रहा है। सरकार ने लोगों के लिए बहुत काम किया है और इसलिए राज्य में एक बार फिर से कांग्रेस की सरकार ही बनेगी। दरअसल राजस्थान में इस साल विधानसभा चुनाव हैं। वतर्मान कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का लंबा समय गहलोत-पायलट विवाद में गुजरा है। इस बीच गहलोत और पायलट ने एक दूसरे पर कई बार हमला बोला। कई बार ऐसे मौके आए जब कांग्रेस दो गुटों में हुई दिखाई दी। लेकिन, चुनाव से पहले गहलोत और पायलट के बीच के मनमुटाव को पार्टी हाईकमान ने शांत करा दिया। इससे नतीजा ये हुआ कि पायलट गहलोत सरकार के काम-काज की तारीफ करने लगे। साथ ही मिलकर चुनाव लड़ने और कांग्रेस की जीत का दावा भी कर रहे हैं।
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