Pakistan Hangor Class Submarine Missile Test – दक्षिण एशिया और उत्तरी अरब सागर में नौसैनिक शक्ति संतुलन को लेकर एक बड़ी रणनीतिक हलचल सामने आई है। पाकिस्तानी नौसेना ने चीन द्वारा निर्मित अपनी पहली अत्याधुनिक ‘हंगोर’ क्लास (Hangor-Class / Type 039B) पनडुब्बी से पहली बार लाइव-फायर मिसाइल परीक्षण (Maiden Live Firing) को सफलतापूर्वक अंजाम दिया है। उत्तर अरब सागर में किए गए इस सैन्य अभ्यास के दौरान पनडुब्बी ने समुद्र की गहराई से लंबी दूरी की एंटी-शिप क्रूज मिसाइल दागकर सतह पर मौजूद नकली लक्ष्य को सटीकता से भेदा। पाकिस्तान नौसेना ने इसे अपनी परिचालन तत्परता और मारक क्षमता का बड़ा प्रदर्शन करार दिया है। हालांकि, चीनी तकनीक और एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) तकनीक से लैस इस पनडुब्बी की सक्रियता ने अरब सागर में भारतीय नौसेना और तटीय सुरक्षा एजेंसियों के लिए नई रणनीतिक चुनौतियां खड़ी कर दी हैं।
Pakistan Hangor Class Submarine Missile Test – पानी के भीतर कई हफ्तों तक छुपने में सक्षम; चीनी डिजाइन पर आधारित है ‘पीएनएस हंगोर’
‘पीएनएस हंगोर’ दरअसल चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी नेवी (PLAN) द्वारा संचालित युआन-क्लास (Type 039A/B) अटैक सबमरीन का संशोधित निर्यात संस्करण है। इस डीजल-इलेक्ट्रिक सबमरीन की सबसे बड़ी तकनीकी विशेषता इसका उन्नत एयर-इंडिपेंडेंट प्रोपल्शन (AIP) सिस्टम है, जिसकी वजह से इसे अपनी बैटरियों को चार्ज करने के लिए बार-बार सतह पर आने की आवश्यकता नहीं होती। यह स्टेल्थ सबमरीन लंबे समय तक पानी के नीचे रहकर गश्त कर सकती है, जिससे इसे रडार और सोनार की पकड़ में लाना पारंपरिक पनडुब्बियों की तुलना में बेहद मुश्किल हो जाता है। इस सफल मिसाइल टेस्ट के साथ ही पाकिस्तान ने पानी के भीतर से लंबी दूरी के समुद्री और तटीय ठिकानों पर प्रहार करने की अपनी क्षमता को प्रमाणित किया है।
Pakistan Hangor Class Submarine Missile Test – 8 पनडुब्बियों का है मेगा चीनी सौदा; 4 चीन में और 4 कराची में हो रही हैं तैयार
उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान ने अपने नौसैनिक बेड़े के आधुनिकीकरण के लिए चीन की शुआंगलियू वूहान शिपयार्ड के साथ कुल आठ हंगोर-क्लास पनडुब्बियों का एक विशाल रक्षा समझौता किया था। अनुबंध की शर्तों के अनुसार, शुरुआती चार पनडुब्बियां सीधे चीन में बनाई जा रही हैं, जबकि शेष चार पनडुब्बियों का निर्माण कराची शिपयार्ड एंड इंजीनियरिंग वर्क्स (KSEW) में ‘ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी’ (ToT) के तहत किया जा रहा है। इन सभी 8 पनडुब्बियों के बेड़े में शामिल होने के बाद पाकिस्तान की अंडरसी स्ट्राइक क्षमता में भारी इजाफा होगा, जिसमें बाबर-3 जैसी सबमरीन-लॉन्च्ड क्रूज मिसाइलें (SLCM) दागने की क्षमता भी शामिल होगी।
Pakistan Hangor Class Submarine Missile Test – पी-8आई सर्विलांस विमान और सब-हंटर्स अलर्ट, भारत का संख्यात्मक और सामरिक दबदबा बरकरार
पाकिस्तानी पनडुब्बी के इस ताजा मिसाइल परीक्षण के बाद भारतीय नौसेना ने पश्चिमी समुद्री तट पर अपनी निगरानी को और कड़ा कर दिया है। भारतीय नौसेना के पास पहले से ही लंबी दूरी के पी-8आई (P-8I) पोसाइडन एंटी-सबमरीन एयरक्राफ्ट, एमएच-60आर ‘रोमियो’ सीहॉक हेलिकॉप्टर और उन्नत कलवरी-क्लास (स्कॉर्पीन) पनडुब्बियों का मजबूत नेटवर्क मौजूद है। इसके अतिरिक्त, भारत 83,000 करोड़ रुपये के महत्वाकांक्षी ‘प्रोजेक्ट 75आई’ (P-75I) के तहत एआईपी तकनीक वाली छह भारी पारंपरिक पनडुब्बियों के अधिग्रहण को तेजी से अंतिम रूप दे रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यद्यपि चीन की मदद से पाकिस्तान अपनी अंडरसी मौजूदगी बढ़ा रहा है, लेकिन सतह और समुद्र के भीतर भारतीय नौसेना का संपूर्ण सामरिक दबदबा अब भी पाकिस्तान पर भारी है।
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