
बॉम्बे लीक्स ,दिल्ली
मुंबई हमले के आरोपी तहव्वुर राणा को अमेरिका की बाइडन सरकार जल्द भारत प्रत्यर्पित करना चाहती है। इसी कारण बाइडन सरकार ने तहव्वुर राणा की प्रत्यर्पण के खिलाफ दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका का विरोध किया है। बाइडन सरकार ने अमेरिका कोर्ट में अर्जी देकर तहव्वुर राणा को जल्द भारत प्रत्यर्पित करने की अपील की है। बता दें कि पाकिस्तानी मूल के तहव्वुर राणा को मई में ही भारत प्रत्यर्पित करने का आदेश अदालत ने दिया था लेकिन राणा ने इसके खिलाफ बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर प्रत्यर्पण का विरोध किया है।तहव्वुर हुसैन का कनेक्शन 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों से है, तभी भारत अमेरिका से उसे जल्द भेजने की मांग कर रहा है।
पाकिस्तानी मूल के कनाडाई व्यवसायी तहव्वुर हुसैन राणा के बुरे दिन आ गए हैं।हुसैन द्वारा दायर की गई बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट को बाइडेन प्रशासन ने कैलिफोर्नियाई अदालत से अस्वीकार करने का आग्रह किया है और दोहराया है कि उसे भारत भेजा जाए। अमेरिकी अदालत ने मई में राणा के भारत प्रत्यर्पण को मंजूरी दे दी थी।राणा को फिलहाल लॉस एंजिल्स के मेट्रोपॉलिटन डिटेंशन सेंटर में हिरासत में लिया गया है।राणा (62) ने अपने वकील के जरिये बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करते हुए भारत सरकार द्वारा उसके प्रत्यर्पण को चुनौती दी थी।राणा की याचिका का विरोध करते हुए अमेरिकी वकील एस्ट्राडा ने कहा कि याचिकाकर्ता यह प्रदर्शित करने में असमर्थ है कि भारत के प्रत्यर्पण अनुरोध में संभावित कारण के पर्याप्त सबूत नहीं हैं। राणा के वकील ने प्रत्यर्पण अनुरोध संधि के तहत इसका विरोध किया था।उसके वकील ने तर्क दिया था कि राणा का प्रत्यर्पण अवैध है।अमेरिका के अटॉर्नी ई मार्टिन एस्ट्राडा ने बाइडन सरकार की तरफ से कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया है कि ‘अमेरिका सम्मानपूर्वक विनती करता है कि अदालत तहव्वुर राणा की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दे।’ अमेरिकी अटॉर्नी ने कहा कि याचिकाकर्ता यह साबित करने में विफल रहा है कि भारत की प्रत्यर्पण की अपील में पर्याप्त सबूतों का अभाव है।राणा ने दलील दी कि भारत उस पर जो मुकदमा चलाना चाहता है, वैसे ही मामले में अमेरिका के इलिनोइस अदालत उसे बरी कर चुकी है। दूसरा भारत ने जो उसके प्रत्यर्पण के लिए आरोप लगाए हैं और जो दस्तावेज प्रस्तुत किए हैं, उनसे यह साबित नहीं होता कि उस पर जो आरोप लगाए गए हैं, उसने वो अपराध किए हैं।
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