HAL Excluded From AMCA Stealth Jet Bid Technical Grounds – भारत के पांचवीं पीढ़ी के स्वदेशी स्टेल्थ फाइटर जेट ‘एडवांस्ड मीडियम कॉम्बैट एयरक्राफ्ट’ (AMCA) के प्रोटोटाइप निर्माण को लेकर देश के रक्षा गलियारों से एक बेहद ऐतिहासिक और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज विमान निर्माता कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) तकनीकी कारणों के चलते इस महत्वाकांक्षी परियोजना की बोली प्रक्रिया से बाहर हो गई है। रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने इस बात की आधिकारिक पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया कि एचएएल काफी सामान्य और नियमित तकनीकी आधारों (Routine Technical Grounds) पर प्रोटोटाइप बनाने की अनिवार्य शर्तों को पूरा नहीं कर सकी। भारतीय सैन्य विमानन के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी स्वदेशी फाइटर जेट कार्यक्रम के विकास चरण से एचएएल को पूरी तरह अलग रखा गया है।
HAL Excluded From AMCA Stealth Jet Bid Technical Grounds – निजी क्षेत्र को दिया गया मौका, तीन कंसोर्टियम ने पास किया 15,000 करोड़ के प्रोजेक्ट का टेंडर
रक्षा मंत्रालय ने 15,000 करोड़ रुपये के इस मेगा एएमसीए प्रोटोटाइप प्रोजेक्ट के लिए रक्षा विनिर्माण में निजी क्षेत्र की भागीदारी बढ़ाने के उद्देश्य से बोली प्रक्रिया खोली थी। इस परियोजना के लिए सात कंसोर्टियम ने रुचि दिखाई थी, जिनमें से टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स (TASL) सहित केवल तीन कंसोर्टियम ही अनिवार्य तकनीकी और वित्तीय मानदंडों पर खरे उतर सके। एचएएल ने दो छोटी निजी कंपनियों के साथ मिलकर संयुक्त बोली पेश की थी, लेकिन तकनीकी मूल्यांकन समिति ने नियमों और विशिष्टताओं के अनुरूप न पाए जाने पर उनके प्रस्ताव को अयोग्य घोषित कर दिया। रक्षा सचिव ने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और नियमों के तहत संचालित की गई है।
HAL Excluded From AMCA Stealth Jet Bid Technical Grounds – सितंबर 2028 तक पहली उड़ान की तैयारी, चीन से स्टेल्थ गैप पाटने की रणनीति
रक्षा सचिव आरके सिंह ने जानकारी दी कि एएमसीए के पांच प्रोटोटाइप तैयार किए जाने हैं और पहले प्रोटोटाइप की पहली उड़ान (First Flight) सितंबर 2028 तक पूरी करने की समय-सीमा तय की गई है। वर्तमान में भारतीय वायुसेना के पास कोई भी रडार से बचने वाला स्टेल्थ फाइटर नहीं है, जबकि पड़ोसी देश चीन के पास करीब 500 की संख्या में J-20 और J-35 जैसे फिफ्थ जनरेशन लड़ाकू विमान तैनात हैं। इस बढ़ते रणनीतिक अंतर को पाटने के लिए भारत एक ओर जहां अपने एएमसीए कार्यक्रम को मिशन मोड पर आगे बढ़ा रहा है, वहीं रूसी सुखोई Su-57 विमानों की सीमित खरीद पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
HAL Excluded From AMCA Stealth Jet Bid Technical Grounds – तेजस डिलीवरी और बड़े वर्कलोड के बीच एचएएल पर उत्पादन दबाव, निजी उद्योगों को मिलेगा बड़ा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि एचएएल के बाहर होने से देश के निजी एयरोस्पेस इकोसिस्टम को एक ऐतिहासिक छलांग लगाने का अवसर मिलेगा। साथ ही, एचएएल पर वर्तमान में तेजस एमके-1ए (Tejas Mk1A) की डिलीवरी, सुखोई-30 अपग्रेड और हेलिकॉप्टर निर्माण का भारी कार्यभार पहले से मौजूद है। एएमसीए का विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) और एयरोनॉटिकल डेवलपमेंट एजेंसी (ADA) द्वारा किया जा रहा है। निजी कंसोर्टियम के हाथ में कमान आने से न केवल प्रोटोटाइप निर्माण में तेजी आने की उम्मीद है, बल्कि भविष्य के हाई-टेक रक्षा विनिर्माण में सरकारी एकाधिकार भी खत्म होगा।
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