Ex-Naxals Build Industrial Gadchiroli – महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में नक्सलवाद का दौर पीछे छूट रहा है और आत्मसमर्पण करने वाले पूर्व नक्सली अब क्षेत्र के औद्योगिक विकास का मुख्य हिस्सा बन रहे हैं। जो लोग कभी जंगलों में हथियार उठाकर भटकते थे, वे आज स्टील कारखानों और औद्योगिक इकाइयों में काम करके अपनी और अपने परिवार की नई जिंदगी का निर्माण कर रहे हैं। राज्य सरकार की पुनर्वास नीति और निजी उद्योगों के सहयोग से यह सकारात्मक बदलाव संभव हो सका है।
Ex-Naxals Build Industrial Gadchiroli – क्रेन ऑपरेटर बनकर जीवन संवार रहे पूर्व कैडर
बचपन या किशोरावस्था में परिस्थितियोंवश वामपंथी उग्रवाद से जुड़े कई लोग अब जंगल के कठिन जीवन को छोड़कर कानून के समक्ष आत्मसमर्पण कर चुके हैं। उदाहरण के तौर पर, महज 10 वर्ष की उम्र में नक्सली आंदोलन में शामिल होने वाले रमेश रेनकाटवो ने 13 साल के संघर्ष के बाद सरेंडर किया था। आज वह गढ़चिरौली के एक स्टील प्लांट में क्रेन ऑपरेटर के रूप में काम कर रहे हैं और मिलने वाले नियमित वेतन से अपने परिवार और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रख रहे हैं।
Ex-Naxals Build Industrial Gadchiroli – लॉयड्स मेटल कंपनी ने दी सम्मानजनक नौकरियां
गढ़चिरौली में औद्योगिकीकरण को बढ़ावा मिलने के बाद लॉयड्स मेटल एंड एनर्जी लिमिटेड जैसी प्रमुख कंपनियों ने आत्मसमर्पित नक्सलियों को मुख्यधारा में शामिल करने की पहल की। कंपनी ने आठ जोड़ों (पति-पत्नी) सहित लगभग 24 पूर्व नक्सलियों को नौकरियां देकर एक नया मौका दिया है। इसके अलावा, सरकारी पुनर्वास योजनाओं के तहत इन परिवारों को घर निर्माण के लिए भूमि, वित्तीय सहायता और ‘घरकुल योजना’ के तहत आवास भी प्रदान किए गए हैं।
Ex-Naxals Build Industrial Gadchiroli – औद्योगिक क्रांति से बदल रही गढ़चिरौली की तस्वीर
क्षेत्र में सुरक्षा बलों की बढ़ती चौकसी और सरकार की विकासोन्मुख नीतियों के कारण नक्सलियों की गतिविधियों पर लगाम लगी है। औद्योगिकीकरण के इस नए दौर में काम करने वाले पूर्व कैडर अब अन्य युवाओं को भी तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण दे रहे हैं। कभी हिंसा के लिए पहचाने जाने वाले इस जिले में स्टील हब और बड़े औद्योगिक प्रोजेक्ट्स के आने से स्थानीय निवासियों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा हो रहे हैं।
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